डायबिटीज रोगियों में सुबह के वक्त शुगर लेवल क्यों बढ़ता है? क्या है इसके पीछे का कारण, जानिए एक्सपर्ट राय

Blood Sugar Increased In Morning: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है. डायबिटीज ऐसी ही बीमारियों में से एक है. यह अपने साथ कई बीमारियों को साथ लाती है. कहने का मतलब, डायबिटीज कई अन्य बीमारियों को पनपने का मौका देती है. चिंता की बात यह है कि, अगर अगर किसी को एकबार डायबिटीज हो गई तो जीवनभर कंट्रोल करना पड़ता है. टाइप 2 डायबिटीज के चलते आंख, किडनी, हार्ट और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज हो सकते हैं. अक्सर देखने में आता है कि, डायबिटीज रोगियों में सुबह के समय ब्लड शुगर लेवल अधिक बढ़ जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? दिन में सबसे ज्यादा ब्लड शुगर लेवल कब बढ़ता है? आइए जानते हैं इस बारे में-

दुनियाभर में डायबिटीज पीड़ितों की संख्या लंबी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, विश्व में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. इसके साथ ही करीब 15 लाख लोगों की मौत हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डायबिटीज के कारण होती है. हैरानी बात यह है कि, भारत में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है. यही कारण है भारत को डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है.

ब्लड शुगर और इंसुलिन की गणित

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बहुत बढ़ जाता है. इसका मुख्य कारण है कि शरीर में इंसुलिन कम बनता है. बता दें कि, इंसुलिन खून में शुगर को अवशोषित कर इसे एनर्जी में बदल देता है, लेकिन क्या कारण है कि ब्लड शुगर का लेवल सुबह-सुबह बहुत ज्यादा हो जाता है. इतना ही नहीं, सर्दियों में सुबह-सुबह ही कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले ज्यादा देखे गए हैं.

सुबह में कॉर्टिसोल हार्मोन बनता है विलेन

इंडियन एक्सप्रेस को स्पर्श अस्पताल के कंसल्टेंट इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. श्याम सुंदर सी एम बताते हैं कि, डायबिटीज के मरीजों में सुबह-सुबह ब्लड शुगर को बढ़ाने के लिए हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इस हार्मोन का नाम है कॉर्टिसोल. यह हार्मोन सुबह के वक्त अधिक सक्रिय होता है. यही वजह है कि सुबह के वक्त डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल बढ़ जाता है.

दिन में ब्लड शुगर लेवल कब-कब बढ़ता है?

रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच कॉर्टिसोल हार्मोन की सक्रियता बहुत ज्यादा होती है. इसका सीधा संबंध ब्लड शुगर के लेवल से है. डॉ श्याम सुंदर ने बताया कि कॉर्टिसोल हार्मोन का संबंध तनाव से है. यानी जब हम तनाव में रहते हैं तो कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा रिलीज होने लगता है. यह 6 बजे से 10 बजे तक पीक पर रहता है और इसके बाद धीरे-धीरे घटने लगता है. रात में कॉर्टिसोल बहुत कम रहता है. यही कारण है कि सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच में कार्डिएक अरेस्ट, हार्ट अटैक और ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का जोखिम ज्यादा रहता है.

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