Winter skincare tips: सर्दियों का मौसम आते ही एक परेशानी सबसे पहले दिखती है और वो है ड्राई स्किन. जैसे ही टेम्परेचर गिरता है, हवा में नमी कम होती है और स्किन अपनी नैचुरल स्मूथनेस खोने लगती है. चेहरे पर खिंचाव महसूस होना, होंठ फटना, हाथ-पैर सफेद दिखना, पैचीनेस, खुजली और एक दम डल ग्लो ये सब सर्दियों में आम बात बन जाती है. कई लोग तो मॉइस्चराइजर लगाने के बावजूद भी ड्राइनेस से परेशान रहते हैं. वही बहुत लोग समझ ही नहीं पाते कि आखिर ठंड शुरू होते ही स्किन इतनी जल्दी क्यों रूखी हो जाती है. असल में इसके पीछे कई साइंटिफिक वजहें हैं और अगर उन्हें समझकर सही स्किनकेयर किया जाए तो सर्दियों में भी स्किन को हेल्दी, ग्लोवी और सॉफ्ट रखा जा सकता है. आजकल सोशल मीडिया पर भी विंटर स्किन केयर के बारे में काफी बात हो रही है और एक्सपर्ट के टिप्स काफी ट्रेंड कर रहे हैं. इसलिए ये जानना बहुत जरूरी है कि ड्राइनेस की जड़ क्या है और इसे कंट्रोल कैसे किया जाए.
ठंड में स्किन ज्यादा ड्राई क्यों होती है?
सर्दियों में हवा बेहद ठंडी और ड्राई हो जाती है. हवा की ये ड्राइनेस स्किन से मॉइस्चर खींच लेती है जिससे स्किन की सबसे ऊपरी लेयर में मौजूद नैचुरल ऑयल्स कम हो जाते हैं. ये ऑयल्स स्किन को बचाने का काम करते हैं लेकिन जैसे ही ये कम होते हैं, स्किन रूखी, खुरदरी और पैची होने लगती है. ठंड में हमारी स्किन कम पसीना बनाती है जिससे स्किन का हाइड्रेशन भी कम हो जाता है. यही वजह है कि आपको कई बार लगता है कि चेहरा धुलने के बाद खिंच रहा है. इसके अलावा ठंडी हवा में ब्लड सर्क्युलेशन भी थोड़ा स्लो हो जाता है जिससे स्किन को पोषण और नमी कम मिलती है और वो अपना नैचुरल ग्लो खोने लगती है.
हॉट शावर भी बढ़ाता है स्किन का ड्राइनेस लेवल
सर्दियों में गरम पानी से नहाना सभी को पसंद है लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार हॉट शावर स्किन के नैचुरल ऑयल्स को तेजी से कम कर देता है. जितना ज्यादा गरम पानी होगा, उतना ज्यादा स्किन ड्राई होगी. इसी वजह से कई लोग सर्दियों में नहाने के बाद स्किन का टाइट और रफ महसूस करते हैं. गर्म पानी स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर को कमजोर कर देता है जिससे स्किन में मॉइस्चर टिक नहीं पाता. यही वजह है कि जरूरत से ज्यादा हॉट वॉटर स्किन को और ड्राई बना देता है.
कम पानी पीना भी ड्राइनेस की बड़ी वजह
ठंड में प्यास कम लगती है इसलिए लोग पानी भी कम पीते हैं. लेकिन बॉडी में पानी कम होने से स्किन का हाइड्रेशन लेवल भी गिर जाता है. स्किन अंदर से ही ड्राई होने लगती है और बाहरी मॉइस्चराइजर भी ज्यादा देर तक असर नहीं कर पाता. इसलिए विंटर में हाइड्रेशन पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी है.
विंटर स्किन को बचाने के लिए एक्सपर्ट के बेस्ट टिप्स
अब बात करते हैं कि इस ड्राइनेस को कंट्रोल कैसे किया जाए और स्किन को ग्लोवी कैसे रखा जाए.
1. मोटा और क्रीमी मॉइस्चराइजर यूज करें
सर्दियों में स्किन को एक्स्ट्रा कयर देने के लिए लाइट लोशन की बजाय क्रीमी मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए. ये स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाता है और नमी को लॉक करके रखता है. नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाने से इसका असर और बढ़ जाता है.
2. फेस वॉश बहुत हार्श न हो
बहुत स्ट्रॉन्ग और फोमिंग फेस वॉश सर्दियों में स्किन को और ड्राई कर देते हैं. इसलिए जेंटल और हाइड्रेटिंग फेस वॉश का इस्तेमाल करें.
3. हॉट वॉटर को लिमिट करें
गुनगुने पानी से नहाना और फेस वॉश करना स्किन के लिए बेहतर होता है. ज्यादा गर्म पानी स्किन को नुकसान पहुंचाता है.
4. हवा से स्किन को बचाएं
ठंडी हवा स्किन से नमी खींच लेती है इसलिए जब भी बाहर जाएं तो फेस को स्कार्फ या शॉल से कवर कर लें.
5. अंदर की हवा में भी नमी बनाए रखें
हीटर चलने पर कमरे की हवा और ड्राई हो जाती है. इसलिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें या कमरे में पानी का बर्तन रख दें.
6. डाइट में हेल्दी फैट्स और विटामिन्स शामिल करें
ओमेगा 3, विटामिन E और विटामिन C वाली चीजें जैसे बादाम, अखरोट, बीज, संतरा और मौसमी स्किन को अंदर से हेल्दी और ग्लोवी बनाती हैं.
7. सप्ताह में एक दो बार स्किन की हल्की एक्सफोलिएशन
डेड स्किन हटने से स्किन मॉइस्चर को बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब करती है.
ठंड में ग्लो कैसे बरकरार रखें
अगर आप सर्दियों में भी स्किन को फ्रेश और ग्लोवी रखना चाहते हैं तो रूटीन में ये तीन चीजें जरूर रखें. मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन और हाइड्रेशन. सनस्क्रीन का इस्तेमाल विंटर में भी जरूरी है क्योंकि ठंड में भी UV रेज स्किन को डैमेज कर सकती हैं. मॉइस्चराइजर दिन में दो बार लगाएं और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं. रात में स्किन पर हाइड्रेटिंग सीरम का इस्तेमाल करना ग्लो को बढ़ाने में काफी मदद करता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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