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Hair Fall and Slow Recovery: बालों की समस्याएं ठीक होने में लंबा वक्त लगता है, क्योंकि उनका संबंध शरीर की अंदरूनी प्रक्रियाओं से होता है. सही पोषण, स्कैल्प की देखभाल और तनाव कम करने से बालों की सेहत में धीरे-धीरे सुधार आता है. अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करने से भी बालों की समस्याओं से राहत मिल सकती है.
बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं, जिसकी वजह से ट्रीटमेंट का असर भी देर से दिखता है.
Hair Problems Treatment: आजकल हेयर फॉल, डैंड्रफ, गंजापन, सफेद बाल और स्कैल्प ड्राइनेस जैसी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं. हर उम्र के लोग बालों की इन परेशानियों से जूझ रहे हैं. जब लोगों को परेशानी होती है, तब वे डॉक्टर के पास जाते हैं और अपना ट्रीटमेंट कराते हैं. अक्सर देखा जाता है कि बालों का ट्रीटमेंट काफी लंबा चलता है और असर दिखने में भी महीनों का वक्त लग जाता है. महंगे प्रोडक्ट्स का यूज करने के बावजूद रिजल्ट मिलने में वक्त लगता है. जबकि अन्य समस्याएं बालों के कंपेरिजन में जल्दी ठीक होने लगती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि बालों की परेशानियों से छुटकारा पाने में लंबा वक्त क्यों लगता है?
यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि बाल तुरंत नहीं बढ़ते, बल्कि एक निश्चित ग्रोथ साइकल के अनुसार विकसित होते हैं. यही वजह है कि समस्या के बाद बालों को फिर से रिकवर होने और बढ़ने में समय लगता है. आमतौर पर बाल एक महीने में केवल 1 से 1.5 सेंटीमीटर ही बढ़ते हैं, इसलिए सुधार दिखने में समय लगना स्वाभाविक है. बालों की समस्याएं सिर्फ बाहरी नहीं होतीं, बल्कि अक्सर शरीर के अंदरूनी कारणों से जुड़ी होती हैं. हार्मोनल असंतुलन, पोषण की कमी या थायराइड की समस्या बालों को प्रभावित करती है. ऐसे में जब तक इन परेशानियों का इलाज नहीं किया जाता, तब तक सिर्फ शैंपू या ऑयल से बालों की दिक्कतों को दूर नहीं किया जा सकता है.
डॉक्टर ने बताया कि बालों की जड़ें स्कैल्प में होती हैं, इसलिए स्कैल्प का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है. अगर स्कैल्प में डैंड्रफ, इंफेक्शन या अत्यधिक ऑयल प्रोडक्शन है, तो बाल कमजोर हो जाते हैं और झड़ने लगते हैं. स्कैल्प को ठीक होने में समय लगता है, इसलिए बालों के सुधार में भी देरी होती है. इसके अलावा आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, नींद की कमी और गलत खान-पान बालों की सेहत को सीधे प्रभावित करते हैं. स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो बालों के झड़ने को तेज कर सकता है. जब तक लाइफस्टाइल में सुधार नहीं किया जाता, तब तक बालों की समस्याएं बार-बार लौट सकती हैं.
एक्सपर्ट की मानें तो कई लोग जल्दी परिणाम पाने के लिए बार-बार अलग-अलग हेयर प्रोडक्ट्स या ट्रीटमेंट्स ट्राई करते हैं. इससे बाल और ज्यादा डैमेज हो सकते हैं. केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स, हीट स्टाइलिंग और बार-बार कलरिंग बालों की जड़ों को कमजोर कर देते हैं. बालों को रिपेयर होने में समय लगता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है. बालों की समस्याओं का समाधान तुरंत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे होता है. इसके लिए संतुलित आहार, सही हेयर केयर रूटीन, स्ट्रेस मैनेजमेंट और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. याद रखें बालों की सेहत एक लंबी प्रक्रिया है. इसमें धैर्य और निरंतरता ही सबसे बड़ा समाधान है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें