Truth About Nail Biting: आज के जमाने में अधिकतर लोग स्ट्रेस का सामना कर रहे हैं. स्ट्रेस होने पर कई लोग इधर उधर घूमने लगते हैं, तो कुछ लोग नाखून चबाना शुरू कर देते हैं. आपने भी कई बार स्ट्रेस में नाखून चबाए होंगे या किसी करीबी को ऐसा करते हुए देखा होगा. लोगों को लगता है कि यह सिर्फ एक आदत है, लेकिन इसके पीछे हमारे ब्रेन और भावनाओं का गहरा संबंध होता है. नाखून चबाने की आदत को मेडिकल की भाषा में ओनिकोफैजिया (onychophagia) कहा जाता है. यह आदत सिर्फ बच्चों में ही नहीं, बल्कि वयस्कों में भी कॉमन है. यह आदत कभी-कभी इतनी मजबूत हो जाती है कि हम बिना सोचे-समझे इसे बार-बार दोहराते रहते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो नाखून चबाने की आदत सेहत के लिए भी नुकसानदायक होती है.
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हमेशा तनाव के कारण ही लोग नाखून नहीं चबाते हैं, बल्कि आलस्य, बोरियत, निराशा या एकाग्रता की कमी जैसी भावनाओं में भी नाखून चबाने लगते हैं. कई लोगों को यह आदत छोटे-छोटे कामों या इंतजार के समय अपने आप लग जाती है. कई लोग कुछ सोचते हुए, टीवी देखते हुए या फोन पर बात करते हुए भी नाखून चबाते हैं. इन मामलों में व्यक्ति को यह एहसास भी नहीं होता कि उसने नाखून चबा लिए हैं. ध्यान की कमी से जुड़े व्यवहार जैसे ADHD या व्यवहार संबंधी प्रतिक्रियाएं भी इस आदत को बढ़ा सकती हैं.
कुछ मामलों में नाखून चबाने की आदत गहरी मनोवैज्ञानिक स्थितियों से जुड़ी हो सकती है, जैसे ओब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD) या अन्य एंजायटी डिसऑर्डर. ऐसे लोग अक्सर भावनात्मक बेचैनी को कंट्रोल करने के लिए इस व्यवहार को दोहराते हैं. हालांकि हर व्यक्ति जिसको OCD है, वह नाखून नहीं चबाता है. यह आदत छोटी लगती हो, लेकिन इसके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव हो सकते हैं. नाखूनों में जमा बैक्टीरिया और गंदगी मुंह में प्रवेश कर सकती है, जिससे संक्रमण या पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही दांतों और मसूड़ों को भी नुकसान पहुंच सकता है और नाखून की बनावट हमेशा के लिए बिगड़ सकती है. लगातार नाखून चबाने से जेलोसिल और त्वचा के आसपास के ऊतकों को चोट भी लग सकती है.
अगर आप खुद या अपने किसी जानने वाले को यह आदत है तो इसे मुश्किल समझने के बजाय समझकर सुधारना आसान हो सकता है. सबसे पहले अपनी ट्रिगर पॉइंट्स जैसे- तनाव, बोरियत या चिंता को पहचानें. स्ट्रेस बॉल या फिडेट गियर रखना, नाखूनों को छोटा और साफ रखना इससे राहत दिला सकता है. कुछ लोग नेट बाइटिंग की लत छुड़ाने के लिए बिटर-टेस्ट नेल पॉलिश जैसे उपाय अपनाते हैं. इन उपायों से यह आदत धीरे-धीरे कम हो सकती है. अगर आदत बहुत गहरी या लगातार होती है तो मनोवैज्ञानिक सलाह या काउंसलिंग भी उपयोगी हो सकती है.