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Sagar News: सागर की एक बुजुर्ग दादी ने लोकल 18 को बताया कि चमगादड़ की हड्डी को फाटन की गुरिया कहा जाता है. जब किसी का पैर फटता (नस तड़कती) है, तब यह हड्डी इस बीमारी का रामबाण इलाज होती है. मरीजों को इससे बेहद जल्द आराम मिलता है.
चमगादड़ के पैरों की हड्डियां लाते हैं घर
जब किसी महिला पुरुष या युवाओं के पैरों में दर्द होता है, जिसे नस का चमकना कहते हैं, का दवाइयां खाने के बाद भी दर्द कम नहीं होता है, उन लोगों के लिए चमगादड़ की हड्डी काम आती है. सागर के लोग पिछले कई दशकों से इस उपाय को अपनाते हुए आ रहे हैं. यह परंपरा आज भी इस क्षेत्र में चर्चित है. बता दें कि चमगादड़ की मौत होने के बाद जब उसका शरीर पूरी तरह से सूख जाता है, तब कई लोग उसके पैरों की हड्डियां साफ करके घर ले आते हैं और उसके आधा-आधा इंच के टुकड़े कर लेते हैं. इसकी हड्डी खोखली होती है. लोग इसमें धागा डालकर पैर में बांध लेते हैं, जो किसी गुरिया की तरह हो जाता है.
जिसके असली हड्डी मिल जाए समझो…
सागर की एक बुजुर्ग दादी लोकल 18 को बताती हैं कि चमगादड़ की हड्डी को फाटन की गुरिया कहा जाता है क्योंकि जब किसी का पैर फटता (नस तड़कती) है, तब यह हड्डी रामबाण इलाज होती है. लोगों को बहुत जल्दी आराम मिलता है. यहां तक कि दवा खाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. इसकी वजह से हजारों-लाखों रुपये की बचत हो जाती है. हम लोग आज भी इसको इस्तेमाल करते है. हालांकि कई लोग अब प्लास्टिक की भी गुरिया बनाने लगे हैं. इसकी वजह से लोगों में विश्वास कम होता जा रहा है. जिसको असली चमगादड़ की हड्डी मिलती है, उसका 100 फीसदी पैर का दर्द मिट जाएगा.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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