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भारत के उपराष्ट्रपति को हर महीने 4 लाख रुपये मिलते हैं, जबकि उनकी सैलरी शून्य होती है. यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन इसके पीछे एक खास वजह है. आइये आपको बताते हैं.
Salary of Vice President of India: उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव जारी है और आज रात यानी मंगलवार रात तक चुनाव के नतीजे जारी कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही नए उपराष्ट्रपति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी. यह देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है. पहला भारत के राष्ट्रपति का पद होता है. लेकिन नियमों के अनुसार इस पद पर बैठे व्यक्ति को कोई सैलरी नहीं दी जाती है. हालांकि उन्हें तमाम सुविधाएं मिलती हैं. फिर भी उन्हें हर महीने 4 लाख रुपये की सैलरी दी जाती है. आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा – आखिर क्यों?
उपराष्ट्रपति को वेतन नहीं, लेकिन 4 लाख रुपये महीना क्यों मिलते हैं ?
भारत के उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के अध्यक्ष भी होते हैं. इसलिए उनको भले ही कोई वेतन नहीं मिलता, लेकिन उन्हें राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में 4 लाख रुपये मासिक पारिश्रमिक मिलता है. उप राष्ट्रपति देश के ऊपरी सदन के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करते हैं. उप राष्ट्रपति का वेतन और भत्ते संसद के अधिकारियों के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953 के तहत निर्धारित होते हैं.
भारत के उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के अध्यक्ष भी होते हैं. इसलिए उनको भले ही कोई वेतन नहीं मिलता, लेकिन उन्हें राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में 4 लाख रुपये मासिक पारिश्रमिक मिलता है. उप राष्ट्रपति देश के ऊपरी सदन के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करते हैं. उप राष्ट्रपति का वेतन और भत्ते संसद के अधिकारियों के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953 के तहत निर्धारित होते हैं.
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि उपराष्ट्रपति के लिए कोई विशेष वेतन का प्रावधान नहीं है; इसके बजाय, उन्हें राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका के अनुसार पारिश्रमिक और लाभ मिलते हैं.
इतना ही नहीं, सेवानिवृत्ति के बाद भी उपराष्ट्रपति को लगभग 2 लाख रुपये मासिक पेंशन, एक टाइप-8 बंगला, एक व्यक्तिगत सचिव, एक अतिरिक्त व्यक्तिगत सचिव, एक व्यक्तिगत सहायक, एक चिकित्सक, एक नर्सिंग अधिकारी और चार व्यक्तिगत परिचारक मिलते हैं.
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