बुढ़ापे में कमजोर क्यों हो जाती हैं हड्डियां? क्या बोन्स को हमेशा मजबूत बनाए रखना पॉसिबल, यहां समझें 5 फैक्ट

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Aging and Bone Health: उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम होना एक बायोलॉजिकल प्रक्रिया है. बोन डेंसिटी का घटना कैल्शियम और विटामिन D की कमी, हार्मोनल बदलाव और फिजिकल एक्टिविटी की कमी से भी हो सकता है. सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर हड्डियों को लंबी उम्र तक मजबूत रखा जा सकता है.

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40 की उम्र के बाद बोन डेंसिटी घटना शुरू हो जाती है, जिससे बुढ़ापे में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं.

Weak Bones in Old Age: उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है और एज बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. 40-50 की उम्र के बाद हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है. अक्सर देखा जाता है कि बुढ़ापे में मामूली गिरावट या चोट भी फ्रैक्चर का कारण बन जाती है. यह केवल कमजोरी नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी बायोलॉजिकल प्रोसेस का नतीजा होता है. सवाल यह है कि उम्र बढ़ते ही हड्डियां क्यों कमजोर होने लगती हैं और क्या इन्हें लंबे समय तक मजबूत बनाए रखना संभव है? इस बारे में सभी को कुछ बातें जरूर जान लेनी चाहिए.

हेल्थ से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक बचपन और युवावस्था में हड्डियां तेजी से बनती हैं और करीब 30 साल की उम्र तक हड्डियां सबसे मजबूत होती हैं. 40 की उम्र के बाद बोन डेंसिटी कम होने लगती है और इससे हड्डियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं. अगर लोगों के शरीर में कैल्शियम और विटामिन D की कमी हो जाए, तो बोन डेंसिटी कम उम्र में ही घट सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है. बुजुर्गों में कैल्शियम और विटामिन D की कमी कॉमन है. उम्र बढ़ने पर शरीर इन पोषक तत्वों को पहले जितनी अच्छी तरह अवशोषित नहीं कर पाता है. इसके अलावा धूप में कम निकलना और डाइट में कमी भी इस समस्या को बढ़ा देती है. कैल्शियम और विटामिन-D हड्डियों के निर्माण और मजबूती के लिए जरूरी होते हैं, इनकी कमी से हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं.

तीसरा फैक्टर हार्मोनल बदलाव है. खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से गिरता है, जो हड्डियों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसी वजह से महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा होता है. पुरुषों में भी उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटता है, जो बोन हेल्थ को प्रभावित करता है. इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है. उम्र बढ़ने के साथ लोग चलना-फिरना और एक्सरसाइज कम कर देते हैं, जबकि वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होती है. लगातार बैठे रहने से हड्डियों को जरूरी दबाव नहीं मिलता, जिससे वे कमजोर होने लगती हैं. हल्की वॉक, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद है.

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अब सवाल है कि क्या हड्डियों को ताउम्र मजबूत बनाए रखा जा सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बुढ़ापे में हड्डियां कमजोर होती हैं और इस प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता है. हालांकि संतुलित डाइट, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D की भरपूर मात्रा से हड्डियों की बोन डेंसिटी घटने की प्रोसेस को धीमा किया जा सकता है. इससे आप लंबी उम्र तक हड्डियों की समस्याओं से नहीं जूझेंगे. नियमित व्यायाम, धूप में समय बिताना और धूम्रपान व शराब से दूरी हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रख सकती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, सही लाइफस्टाइल अपनाकर हड्डियों की सेहत को काफी हद तक ठीक रखा जा सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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बुढ़ापे में कमजोर क्यों हो जाती हैं हड्डियां? बोन्स को हमेशा मजबूत कैसे रखें

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