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मनी प्लांट की पत्तियां पीली और मुरझा रही हैं तो घबराने की जरूरत नहीं. सही तरीके से कटाई, उचित पानी, हल्की धूप और समय पर खाद देने से पौधे की ऊर्जा नई और स्वस्थ पत्तियों के विकास में लगती है, जिससे मनी प्लांट फिर से हरा-भरा और आकर्षक बन सकता है.
बदलते मौसम का असर सिर्फ इंसानों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि घरों में लगे पौधों पर भी साफ नजर आता है. खासकर मनी प्लांट ऐसा पौधा है, जो लगभग हर घर में गमले या पानी में उगाया जाता है. लेकिन, मौसम में बदलाव के साथ इसकी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं.
जिससे पौधे की सुंदरता के साथ उसकी सेहत पर भी असर पड़ता है. अगर आपके घर के मनी प्लांट की पत्तियां भी पीली हो रही हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.
दरअसल, रायबरेली जिले के एसबी इंटर कॉलेज में गार्डनिंग का काम करने वाले गार्डनर शिव प्रकाश बताते हैं कि बदलते मौसम में यदि आपके घर के गमले या गार्डन में लगा मनी प्लांट के पौधा मुरझा रहा है या उसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं. तो उसके लिए आप कुछ जरूरी उपाय अपने जिनमें प्रमुख रूप से पीली और खराब हो चुकी पत्तियों को काटकर हटा दें.
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इससे पौधे की ऊर्जा नई और स्वस्थ पत्तियों के विकास में लगती है. कुल मिलाकर, सही पानी, उचित धूप और समय पर खाद देने से मनी प्लांट फिर से हरा-भरा और आकर्षक बन सकता है.
मनी प्लांट को जरूरत से ज्यादा या बहुत कम पानी देने से इसकी पत्तियां पीली होने लगती हैं. बदलते मौसम में मिट्टी जल्दी सूखती या ज्यादा देर तक गीली रहती है. इसलिए पौधे में पानी तभी दें, जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी नजर आए. गमले में पानी जमा न होने दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं.
मनी प्लांट को सीधी तेज धूप पसंद नहीं होती. अगर पौधा तेज धूप में रखा गया है, तो पत्तियां पीली होकर झुलस सकती हैं. वहीं, बिल्कुल अंधेरे में रखने से भी पत्तियों का रंग फीका पड़ जाता है. इसे ऐसी जगह रखें, जहां हल्की और अप्रत्यक्ष धूप मिलती रहे.
मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी भी पत्तियां पीली होने का कारण बनती है. बदलते मौसम में पौधे को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है. महीने में एक बार वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद डालें. चाहें तो केले के छिलके को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर मिट्टी में मिला सकते हैं, इससे पत्तियां फिर से हरी होने लगती हैं.
गमले की ड्रेनेज व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है. अगर गमले के नीचे छेद नहीं है या पानी बाहर नहीं निकल पा रहा, तो जड़ें खराब हो जाती हैं.समय-समय पर गमले की मिट्टी को हल्का-सा खोदकर हवा लगने दें, इससे जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है.
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