Last Updated:
भोपाल में ‘मिल्क मैजिक’ ब्रांड से जुड़े मिलावटी डेयरी उत्पाद मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी किशन को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के अनुसार पाम ऑयल और रसायनों से तैयार डेयरी उत्पादों को बाजार और निर्यात में बेचा गया. फर्जी लैब रिपोर्ट के आधार पर करीब 20.59 करोड़ रुपये की कमाई का आरोप है. मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच जारी है.
भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी किशन को गिरफ्तार किया है.
भोपाल. मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़े कथित बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में एक अहम आरोपी किशन को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी किशन ‘मिल्क मैजिक’ ब्रांड से जुड़े डेयरी उत्पादों की सप्लाई और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए दूध से बने उत्पादों के नाम पर पाम ऑयल और अन्य रसायनों का इस्तेमाल कर उत्पाद तैयार किए जाते थे और उन्हें बाजार में डेयरी प्रोडक्ट के रूप में बेचा जाता था. जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे कारोबार से करोड़ों रुपये की कमाई हुई, जिसे बाद में विभिन्न बैंक खातों के जरिए वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की गई.
ईडी के अनुसार यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के उस मामले में हुई है, जिसकी शुरुआत भोपाल पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज मामलों से हुई थी. आरोप है कि इस नेटवर्क ने फर्जी लैब रिपोर्ट के आधार पर डेयरी उत्पादों का निर्यात भी किया. जांच में सामने आया कि निर्यात से प्राप्त करीब 20.59 करोड़ रुपये की राशि को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए बैंक खातों में जमा किया गया. ईडी ने इस रकम को “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” यानी अपराध से अर्जित आय मानते हुए Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कार्रवाई शुरू की. गिरफ्तारी के बाद आरोपी किशन से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.
कौन है आरोपी किशन
जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी किशन कथित तौर पर उस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो ‘मिल्क मैजिक’ ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों के उत्पादन और वितरण से जुड़ा था. ईडी का दावा है कि आरोपी कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संचालन में सहयोग करता था. अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी कथित तौर पर निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों के प्रबंधन में भी शामिल था. इसी आधार पर उसे इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है.
जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया गया है. यह कंपनी ‘मिल्क मैजिक’ नाम से विभिन्न डेयरी उत्पादों का उत्पादन और वितरण करती थी. जांच एजेंसियों के अनुसार कंपनी के उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी भेजे जाते थे. निर्यात के लिए गुणवत्ता प्रमाणपत्र और प्रयोगशाला रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जाता था.
मिलावटी डेयरी उत्पाद बनाने का आरोप
जांच में सामने आया कि डेयरी उत्पादों के निर्माण में कथित रूप से दूध की असली वसा की जगह पाम ऑयल और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जाता था. इन उत्पादों को घी, मक्खन और अन्य दूध आधारित उत्पादों के रूप में बाजार में बेचा जाता था. जांच एजेंसी का कहना है कि इस तरह तैयार उत्पादों को सामान्य उपभोक्ताओं के साथ-साथ निर्यात के लिए भी इस्तेमाल किया गया. इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका भी जताई गई है.
फर्जी लैब रिपोर्ट से लिया गया निर्यात परमिट
ईडी की जांच में यह भी आरोप सामने आया कि कंपनी ने निर्यात अनुमति हासिल करने के लिए कई प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं के नाम पर फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार कीं. इन रिपोर्टों को Export Inspection Agency के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जब इन रिपोर्टों का सत्यापन किया गया तो संबंधित प्रयोगशालाओं ने बताया कि कई रिपोर्ट उनके द्वारा जारी ही नहीं की गई थीं. इसके बाद जांच एजेंसियों को पूरे नेटवर्क पर संदेह हुआ और विस्तृत जांच शुरू की गई.
करोड़ों की कमाई का खुलासा
जांच एजेंसी के अनुसार फर्जी लैब रिपोर्ट के आधार पर किए गए निर्यात से करीब 20.59 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई. यह रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा की गई, जिनमें Axis Bank और HDFC Bank के खाते शामिल बताए गए हैं. ईडी ने इस रकम को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी अवैध आय मानते हुए जांच के दायरे में लिया है.
अदालत ने भेजा ED रिमांड पर
ईडी के अनुसार आरोपी किशन को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद 14 मार्च को भोपाल स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया. अदालत ने आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए 18 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया. एजेंसी अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है.
About the Author
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
.