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Surekh Yadav – सुरेखा यादव का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक साधारण परिवार में हुआ था. बचपन से ही वह पढ़ाई में तेज़ थीं. उनकी रुचि इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा में थी.
सुरेखा ने पहले मालगाड़ी चलाई और फिर यात्री गाड़ियां भी चलानी शुरू कीं. नई दिल्ली. प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने आज एक ट्वीट कर एक महिला सुरेखा यादव को उनके रिटायरमेंट पर बधाई दी. महिंद्रा के ट्वीट के बाद से ही ये सुरेखा चर्चा में आ गई हैं. ऐसा नहीं है कि वो पहली बार चर्चा में आई हैं. देश ही नहीं दुनिया में भी आज से 37 साल पहले भी सुर्खियों बटोरीं थी, जब उन्होंने पहली बार ट्रेन की कमान संभाली थी. दरअसल, आनंद महिंद्रा ने आज एशिया की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर सुरेखा यादव को उनके रिटायरमेंट पर बधाई दी थी.
आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर लिखा, “बधाई हो सुरेखा जी, आप एक अग्रदूत रही हैं. लोगों की सेवा में इतने लंबे करियर के बाद आपके सेवानिवृत्ति पर मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं. आज आपने हमें याद दिलाया कि आपके जैसे ऐतिहासिक बदलाव लाने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाना चाहिए. आपको योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता.”
Congratulations on being a pioneer, Surekha ji.
And my best wishes upon your retirement after such a long career of serving the people
Thank you for reminding us today, that iconic change makers like you must be celebrated and your contributions never forgotten.
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