Hong Kong Jimmy Lai: दुनिया में इस वक्त एक शख्स का नाम चर्चा में है और वो हैं – जिमी लाई. चीन से लेकर अमेरिका तक इन्हीं की चर्चा है, बस फर्क इतना ही कि चीन ने इन्हें जख्म दिया है और अमेरिका चाहकर भी उस पर मरहम नहीं लगा सकता. कल तक दुनिया के अमीर लोगों में शुमार जिमी लाइ को उनकी दौलत, शोहरत और एप्पल डेली के संस्थापक के तौर पर जाना जाता था लेकिन अब हालत ये है कि वो 20 साल तक के लिए जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के उच्च न्यायालय की ओर दी गई यह सजा, इस अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSL) के तहत अब तक की सबसे सख्त सजा है. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा कैसे हुआ?
जिमी लाई कौन हैं और उन्हें कितनी सजा हुई है?
जिमी लाई हांगकांग के मशहूर लोकतंत्र समर्थक मीडिया कारोबारी हैं. उन्हें चीन के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी ताकतों से साठगांठ के आरोप में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. यह इस कानून के तहत अब तक की सबसे कड़ी सजा मानी जा रही है.
जिमी लाई की उम्र और सेहत को लेकर क्या चिंता है?
जिमी लाई की उम्र 78 साल है. ऐसे में उनके परिवार ने उनकी खराब सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है. मानवाधिकार संगठनों ने इस सजा को उनके लिए मौत के बराबर बताया है.
हांगकांग सरकार और चीन इस सजा को कैसे देख रहे हैं?
हांगकांग की सरकार ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है. चीन का कहना है कि यह सजा राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून के राज को मजबूत करती है.
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून कब और क्यों लागू किया गया था?
यह कानून चीन ने 2019 में हांगकांग में हुए बड़े लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद लागू किया था. चीन का दावा है कि यह कानून शहर की स्थिरता के लिए जरूरी है, जबकि आलोचकों का कहना है कि इससे अभिव्यक्ति की आज़ादी खत्म हो गई है.
जिमी लाई पर आरोप क्या हैं?
जिमी लाई पर विदेशी ताकतों से साठगांठ करने का आरोप है. मामला खासतौर पर 2019 के प्रदर्शनों के दौरान अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति माइक पेंस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से उनकी मुलाकात से जुड़ा है.
जिमी लाई ने अपने बचाव में क्या कहा?
जिमी लाई ने हमेशा आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि उन्होंने कभी विदेशी सरकारों से हांगकांग के खिलाफ कोई नीति प्रभावित करने की कोशिश नहीं की और वह केवल कानून के राज और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूल्यों की वकालत कर रहे थे.
इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या रही है?
मानवाधिकार संगठनों और पत्रकार संगठनों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान और अन्य देशों ने चिंता जताई है. जिमी लाई के बेटे सेबेस्टियन लाई ने इसे हांगकांग की कानूनी व्यवस्था के खत्म होने का संकेत बताया है.
जिमी लाई का जीवन और पृष्ठभूमि क्या रही है?
जिमी लाई का जन्म चीन के गुआंगझोउ में हुआ था. वह 12 साल की उम्र में चोरी-छिपे हांगकांग पहुंचे. मेहनत से उन्होंने बड़ा कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया, जिसमें जियोर्डानो जैसे ब्रांड शामिल हैं. 1989 के तियाननमेन स्क्वायर आंदोलन के बाद वह पूरी तरह लोकतंत्र समर्थक आंदोलन से जुड़ गए और जीवन भर उसी रास्ते पर डटे रहे.
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