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WHO Adds New Essential Medicines: WHO ने अपनी एसेंशियल मेडिसिन्स की लिस्ट में कैंसर, डायबिटीज समेत कई बीमारियों की नई दवाओं को शामिल किया है. WHO के इस कदम से लोगों को सस्ती और असरदार दवाएं मिल सकेंगी.
WHO ने डायबिटीज और कैंसर की दवाएं एसेंशियल मेडिसिन लिस्ट में शामिल की हैं.कैंसर की इन दवाओं को लिस्ट में किया गया शामिल
डायबिटीज और मोटापे की ये दवाएं की गईं शामिल
सिस्टिक फाइब्रोसिस और हेमोफीलिया के लिए दवाएं
WHO ने सिस्टिक फाइब्रोसिस, हेमोफीलिया और ब्लड रिलेटेड डिसऑर्डर के इलाज के लिए भी कुछ नई दवाइयां जोड़ी हैं. इन दवाइयों से इन बीमारियों के इलाज में तेजी और प्रभावशीलता आएगी, जो विशेषकर विकासशील देशों में एक बड़ी मदद साबित होगी. WHO का उद्देश्य केवल दवाइयां उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ये दवाइयां सस्ती हों और सभी को मिल सकें. Semaglutide और Tirzepatide जैसी दवाइयां महंगी हो सकती हैं, इसलिए WHO ने प्रोत्साहन दिया है कि इन दवाओं के लिए सस्ती जनरिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जाए और इन्हें प्राथमिक देखभाल स्तर पर उपलब्ध कराया जाए.
इन लिस्ट की दवाएं 150 देशों में होती हैं इस्तेमाल
WHO की एसेंशियल मेडिसिन्स की लिस्ट में शामिल दवाएं दुनियाभर में 150 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल की जाती हैं. इस लिस्ट में लोगों की हेल्थ प्रायोरिटी को देखते हुए दवाएं शामिल की जाती हैं. डब्ल्यूएचओ ने अब तक 24 बार EML और 10वीं बार EMLc लिस्ट को अपडेट कर दवाएं जोड़ी हैं. WHO की आवश्यक दवाओं की सूची हर दो साल में अपडेट की जाती है और यह दुनियाभर के देशों में दवाओं के चयन और आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनती है. इन लिस्ट्स का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणालियों में आवश्यक और प्रभावी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें