व्हाइट शुगर क्या है?
व्हाइट शुगर को आमतौर पर रिफाइंड शुगर कहा जाता है. यह गन्ने या शुगर बीट से निकाली जाती है और फिर उसे प्रोसेस करके उसका रंग, गंध और अशुद्धियाँ हटाई जाती हैं. इस प्रक्रिया में शुगर से सारे मिनरल्स और पोषक तत्व निकल जाते हैं, जिससे यह लगभग शुद्ध सुक्रोज (चीनी) रह जाती है.
इसमें कोई फाइबर, विटामिन या मिनरल नहीं होते.
यह शरीर में जल्दी ग्लूकोज में बदल जाती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है.
अधिक सेवन से मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और दांतों की समस्याएं हो सकती हैं.
ब्राउन शुगर क्या है?
ब्राउन शुगर भी गन्ने से ही बनाई जाती है, लेकिन इसमें मोलासेस नामक गाढ़ा रस मिला होता है जो इसे भूरा रंग और करामेली स्वाद देता है. यह कम प्रोसेस्ड होती है और इसमें थोड़ी मात्रा में मिनरल्स जैसे कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम पाए जाते हैं.
स्वाद में गहराई होती है, जिससे बेकिंग और मिठाइयों में अच्छा फ्लेवर आता है.
थोड़ी मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं.
व्हाइट शुगर की तुलना में थोड़ा कम प्रोसेस्ड होती है.
सेहत के लिए कौन बेहतर?
अगर दोनों में से चुनना हो, तो ब्राउन शुगर थोड़ा बेहतर विकल्प है क्योंकि यह कम प्रोसेस्ड होती है, और इसमें कुछ मिनरल्स होते हैं. लेकिन ध्यान रहे, दोनों ही शुगर हैं और इनका अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
शहद, गुड़, स्टेविया, डेट शुगर या कोकोनट शुगर जैसे प्राकृतिक स्वीटनर्स ज्यादा सुरक्षित और पोषक होते हैं.
ब्राउन शुगर व्हाइट शुगर की तुलना में थोड़ा हेल्दी मानी जाती है, लेकिन यह भी सीमित मात्रा में ही लेनी चाहिए. अगर आप सेहत को प्राथमिकता देते हैं, तो बेहतर होगा कि आप प्राकृतिक स्वीटनर्स की ओर रुख करें और प्रोसेस्ड शुगर का सेवन कम करें.