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White Tongue Causes: जीभ पर यदि सफेद परत लंबे समय तक नजर आ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें. ये शरीर में टॉक्सिन के जमाव का संकेत हो सकता है. आयुर्वेद में इसके लिए कारगर उपायों के बारे में बताया गया है, जिन्हें यहां आप जान सकते हैं.
जीभ हमारे शरीर का अभिन्न अंग है, जो सिर्फ स्वाद का पता लगाने के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के अंदर पनप रही बीमारियों का भी संकेत देती है. जीभ का बदलता रंग बुखार से लेकर पेट के खराब होने का संकेत देता है, और यही कारण है कि जब भी हम डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर जीभ की जांच जरूर करता है. अगर सुबह उठते ही आपकी जीभ पर भी सफेद या पीली परत जमी रहती है तो समझ जाएं कि शरीर में ‘आम’ बढ़ रहा है.
आयुर्वेद में आम को बहुत नुकसानदेह माना जाता है. आम शरीर में तब बढ़ता है जब विषाक्त और विषैले पदार्थ बाहर निकलने की बजाय अंदर ही जमा होने लगते हैं. ऐसा होने पर मेटाबॉलिज्म स्लो पड़ जाता है और खाना पेट में सड़ने लगता है और पेट दर्द, कब्ज, गैस, और अन्य पेट और आंत संबंधी रोग होने लगते हैं. इसी का असर मुंह और जीभ पर देखने के लिए मिलता है. यह सिर्फ पेट की प्रॉब्लम नहीं है. आम धीरे-धीरे खून को गंदा करता है और आगे चलकर गठिया, डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज़ जैसी बड़ी बीमारियों की नींव रख देता है.
आयुर्वेद में बताए गए उपाय
जीभ पर जमी सफेद या पीली परत से निपटने के लिए आयुर्वेद में कई तरह के उपाय बताए गए हैं, जिनमें से पहला है इंटरमिटेंट फास्टिंग. रोजाना 14-16 घंटे का उपवास रखना पेट और पाचन शक्ति के लिए अच्छा रहता है. इसके लिए शाम को 6 से 7 बजे तक खाना खा लें और अगले दिन 10-11 के बीच पहला मील लें. इस दौरान भूख लगने पर पेय पदार्थ ले सकते हैं. इससे पेट को साफ होने का पूरा समय मिलता है.
दूसरा उपाय है जीरा, धनिया और सौंफ का काढ़ा. इन तीनों को बराबर मात्रा में पानी में उबाल लें. इस काढ़े को दिनभर थोड़ा-थोड़ा घूंट करके पिएं. ये शरीर के अंदर के सारे ब्लॉकेज खोलकर गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा.
तीसरा उपाय है अग्निसार क्रिया. अग्निसार क्रिया को योग में सबसे ज्यादा पावरफुल क्रिया माना जाता है, जिसमें पेट को अंदर की तरफ पंप किया जाता है. ये क्रिया खाली पेट की जाती है, जिससे शरीर में जमा ‘आम’ धीरे-धीरे निकलने लगते हैं.
इस बात का ध्यान रखें
कोशिश करें कि पूरे दिन हल्का गुनगुना पानी पीएं. ठंडा पानी टॉक्सिन को जमा होने में मदद करता है और कब्ज की परेशानी को भी बढ़ाता है. कब्ज और पेट से रोगों का अंत करने के लिए गुनगुने पानी से बेहतरीन विकल्प नहीं हो सकता है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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