जब ड्रोन की ताकत की बात आती है तो सबसे पहले नाम अमेरिका का आता है. अमेरिकी सेना के पास ऐसे ड्रोन हैं जो हजारों किलोमीटर दूर से उड़ान भर सकते हैं और 24 घंटे से भी ज्यादा आसमान में टिके रह सकते हैं. इनमें सबसे मशहूर है MQ-9 Reaper. यह ड्रोन 4000 पाउंड तक हथियार ले जाने में सक्षम है और इसमें Hellfire मिसाइल, लेजर-गाइडेड बम और अत्याधुनिक सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं.

MQ-9 Reaper की खासियत यह है कि यह एक साथ दुश्मन पर नजर भी रखता है और पल भर में सटीक हमला भी कर सकता है. अफगानिस्तान और इराक जैसे युद्ध क्षेत्रों में अमेरिका ने इसका जमकर इस्तेमाल किया और यही वजह है कि आज भी इसे दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रोन माना जाता है.

ड्रोन तकनीक में चीन भी अमेरिका से पीछे नहीं है. चीन ने हाल के वर्षों में Wing Loong और CH-5 ड्रोन तैयार किए हैं जिन्हें दुनिया के कई देशों को निर्यात भी किया जा रहा है. CH-5 ड्रोन की मारक क्षमता इतनी ज्यादा है कि इसे “सस्ता MQ-9 Reaper” कहा जाता है. यह 60 घंटे तक उड़ सकता है और 2000 किलो तक हथियार ले जाने की क्षमता रखता है.

चीन की खास रणनीति यह है कि वह अपने ड्रोन सस्ते दामों पर दुनिया भर में बेचता है. पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों ने पहले ही चीनी ड्रोन अपने बेड़े में शामिल कर लिए हैं.

तुर्की का नाम भी अब ड्रोन तकनीक में तेजी से उभर रहा है. इसका Bayraktar TB2 ड्रोन रूस-यूक्रेन युद्ध में खूब चर्चा में रहा. इस ड्रोन ने कई बार रूस के टैंकों और हथियारों को तबाह कर दिया. यह अपेक्षाकृत छोटा ड्रोन है लेकिन बेहद घातक और किफायती है. इसकी वजह से कई देश तुर्की से भी ड्रोन खरीद रहे हैं.

भारत भी ड्रोन तकनीक में लगातार निवेश कर रहा है. हाल ही में भारत ने अमेरिका से MQ-9B Sea Guardian ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है. इसके अलावा स्वदेशी ड्रोन तकनीक को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि निगरानी और युद्ध क्षमता दोनों में मजबूती मिल सके.

दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रोन फिलहाल अमेरिका का MQ-9 Reaper ही माना जाता है. इसकी तकनीक, मारक क्षमता और निगरानी कौशल इतना एडवांस है कि दुश्मन इसका नाम सुनकर ही सतर्क हो जाते हैं. हालांकि चीन और तुर्की जैसे देश भी लगातार नई-नई ड्रोन तकनीक लाकर अमेरिका को चुनौती दे रहे हैं.
Published at : 24 Sep 2025 07:36 AM (IST)
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