होली में किन रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए? केमिकल वाले कलर्स से होगा भारी नुकसान

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Chemical Colors Side Effects: होली में कई लोग गुलाल जैसे हर्बल कलर्स इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ लोग केमिकल वाले खतरनाक रंग यूज कर देते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो केमिकल वाले कलर्स से स्किन और आंखों को नुकसान हो सकता है. कई लोगों को इन कलर्स से स्किन एलर्जी हो सकती है. अगर समस्या ज्यादा हो, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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केमिकल वाले कलर्स से स्किन से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

Holi 2026 Health Tips: होली रंगों का त्योहार है और लोग एक-दूसरे के रंग लगाकर इसे सेलिब्रेट करते हैं. होली में एक जमाने में गुलाल और नेचुरल कलर्स इस्तेमाल किए जाते थे, लेकिन अब केमिकल वाले कलर्स भी बाजार में खूब बिक रहे हैं. होली की मस्ती में अक्सर हम अपनी स्किन की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे त्योहार का आनंद बाद में शारीरिक कष्ट में बदल सकता है. केमिकल वाले कलर्स आपकी स्किन, आंखों और बालों के लिए नुकसानदायक होते हैं. इनमें कई ऐसे खतरनाक तत्व होते हैं, जिनके संपर्क में आने के कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के कंसल्टेंट डॉ. अमित कुमार धवन ने News18 को बताया कि होली में रंगों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए. होली खेलते समय केवल प्राकृतिक और प्लांट-बेस्ड रंगों का ही उपयोग करना चाहिए. ये रंग फूलों, सब्जियों और जड़ी-बूटियों से तैयार किए जाते हैं. इन्हें त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है. प्राकृतिक गुलाल और हर्बल कलर्स न केवल त्वचा को नुकसान से बचाता है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होता है. बाजार में उपलब्ध हर्बल रंगों की जांच करके ही उन्हें खरीदना चाहिए ताकि त्योहार का उत्साह स्वास्थ्य पर भारी न पड़े.

डॉक्टर धवन ने बताया कि केमिकल वाले रंगों का उपयोग स्किन के लिए सबसे ज्यादा नुकसान साबित हो सकता है. इन रंगों में अक्सर हानिकारक मेटल्स और एसिड्स होते हैं, जो स्किन के संपर्क में आते ही लालिमा, खुजली और जलन पैदा कर सकते हैं. केमिकल वाले रंगों से कॉन्टैक्ट एलर्जिक डर्मेटाइटिस और कॉन्टैक्ट इरिटेंट डर्मेटाइटिस जैसी गंभीर स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. इसके लक्षणों में त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, सूजन आना और लंबे समय तक जलन बने रहना शामिल है. इसके अलावा ये कलर्स आंखों में गिर जाएं, तो इंफेक्शन और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं. बालों को भी इन रंगों से नुकसान होता है. अगर आपको बालों की कोई समस्या है, तो केमिकल वाले कलर्स यह परेशानी बढ़ा सकते हैं.

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डॉक्टर ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति आपको केमिकल वाले कलर्स लगा दे, तो इसे हटाने के लिए भी सावधानी बरतनी चाहिए. रंग साफ करने से पहले त्वचा पर नारियल तेल या ऑलिव ऑयल लगाएं और उसे 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें. यह तेल रंग की पकड़ को ढीला कर देता है. इसके बाद हल्के गुनगुने पानी और एक जेंटल क्लींजर का उपयोग करें. सफाई के दौरान स्किन को जोर से रगड़ने या हार्ड स्क्रब का उपयोग करने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा की ऊपरी परत छिल सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. कलर को छुड़ाने के चक्कर में स्किन को नुकसान न पहुंचाएं.

एक्सपर्ट की मानें तो रंग छुड़ाने की जल्दबाजी में अक्सर लोग एसीटोन, पेट्रोल या अल्कोहल जैसे ज्वलनशील और कठोर पदार्थों का उपयोग करने लगते हैं, जो पूरी तरह गलत है. ये पदार्थ स्किन के नेचुरल ऑयल को खत्म कर देते हैं और उसे बेहद संवेदनशील बना देते हैं, जिससे जलन और अधिक बढ़ सकती है. सफाई के तुरंत बाद त्वचा की नमी को बरकरार रखने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें. चूंकि होली अक्सर धूप में खेली जाती है, इसलिए सनस्क्रीन का उपयोग भी जरूर करनी चाहिए. अगर होली खेलने के बाद त्वचा में किसी भी प्रकार की एलर्जी, दाने या असहजता दिखाई दे, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से संपर्क करें.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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