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Unhealthy Lifestyle Risks: खराब रहन-सहन और गलत खान-पान सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म, हार्ट, पाचन और मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. लंबे समय तक गलत आदतें अपनाने से टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन और हार्मोनल समस्याएं पैदा हो सकती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो आज के समय में अधिकतर बीमारियों की जड़ खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान है. इसे सुधारकर बीमारियों से बचा जा सकता है.
अधिकतर लोगों को अब मॉडर्न लाइफस्टाइल रास आ रही है. लोग देर रात तक जागते हैं, जंक फूड का सेवन करते हैं और सोने-जागने का कोई फिक्स टाइम नहीं है. कुल मिलाकर रहन-सहन और खान-पान का पूरा सिस्टम बिगड़ गया है. लोग इसे मॉडर्न होने का संकेत मानते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे अधिकतर बीमारियों की जड़ मानते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन पर घंटों बिताना, जंक फूड पर निर्भरता और फिजिकल एक्टिविटी की कमी अब कॉमन हो चुकी है. ऊपर से अत्यधिक तनाव शरीर और दिमाग दोनों को अंदर से कमजोर कर रहा है.

एक्सपर्ट की मानें तो इन खराब आदतों का असर सेहत पर तुरंत नजर नहीं आता, लेकिन कुछ समय बाद यही गलतियां गंभीर बीमारियों की वजह बन जाती हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आज डायबिटीज, हार्ट डिजीज, मोटापा और मानसिक समस्याओं जैसी बीमारियों की जड़ में खराब लाइफस्टाइल सबसे बड़ा कारण बन चुकी है.
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डॉक्टर रावत ने बताया कि खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान का सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है. इससे मोटापा, पेट की चर्बी और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं. यही आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर और हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकती हैं. खराब खान-पान शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता को भी कमजोर कर देता है.

एक्सपर्ट के अनुसार गलत लाइफस्टाइल से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ता है. ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड और नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. लंबे समय तक बैठे रहना और एक्सरसाइज न करना दिल की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है. यही वजह है कि अब युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं.

पाचन तंत्र पर भी खराब लाइफस्टाइल का गहरा असर देखने को मिलता है. अनियमित खान-पान, फाइबर की कमी और जंक फूड से एसिडिटी, गैस, कब्ज, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) और अल्सर जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. समय के साथ इससे लिवर और आंतों की सेहत को नुकसान पहुंचता है, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं.

खराब लाइफस्टाइल का बुरा असर मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है. नींद की कमी, लगातार स्क्रीन टाइम और तनाव के कारण एंजायटी, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार गलत दिनचर्या दिमाग के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती है, जिससे मूड स्विंग्स और मानसिक थकान बढ़ती है.

डॉक्टर की मानें तो हार्मोनल और रिप्रोडक्टिव समस्याएं भी गलत रहन-सहन से जुड़ी होती हैं. महिलाओं में पीसीओएस, अनियमित पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, जबकि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होना, थकान और लो एनर्जी जैसी शिकायतें देखने को मिलती हैं. लंबे समय तक इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है.