Phulera Dooj 2026: फाल्गुन माह में आने वाला त्योहार फुलेरा दूज बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस साल फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026 को है. ये पर्व प्रेम, आनंद और उल्लास का प्रतीक है. ऐसा माना जाता है कि यह दिन विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए विशेष तरह से शुभ होता है.
फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि पर मनाया जाने वाला त्योहार फुलेरा दूज ब्रज क्षेत्र में खासकर मथुरा-वृन्दावन में अधिक महत्वपूर्ण पर्व होता है. इस दिन को राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक पर्व माना जाता है. उनकी पूजा होती है और फूलें से विशेष श्रृंगार किया जाता है.
फुलेरा दूज 2026
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 18 फरवरी 2026 को शाम 4.57 पर सुरू होगी और अगले दिन 19 फरवरी 2026 को दोपहर 3.58 पर समाप्त होगी.
फुलेरा दूज 2026 मुहूर्त
- शुभ – सुबह 6.56 – सुबह 8.21
- चर – सुबह 11.10 – दोपहर 12.35
- लाभ – दोपहर 12.35 – दोपहर 2.00
कैसे मनाते हैं फुलेरा दूज
- फुलेरा दूज के इस अवसर पर कृष्ण मन्दिरों में विशेष झांकी और दर्शन आयोजित किये जाते हैं, जिसमें भगवान कृष्ण को होली की तैयारी करते हुये दर्शाया जाता है.
- फुलेरा दूज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद राधा-कृष्ण को नए वस्त्र पहनाएं, उन्हें रंग बिरंगे फूलों से सजाएं.
- माखन मिश्री का बोग लगाएं. धूप-दीप जलाएं और ‘ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभय स्वाहा’ मंत्र का 108 बार जाप करें. मान्यता है इससे प्रेम विवाह या शीघ्र विवाह के योग बनते हैं.
- इसके बाद परिवार और मित्रों के साथ फूलों की होली खेलें, जो प्रेम और आनंद का प्रतीक मानी जाती है.
इस दिन मांगलिक कार्य क्यों करना शुभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फुलेरा दूज का दिन समस्त प्रकार के दोषों से मुक्त होता है इसीलिये, सभी प्रकार के मांगलिक के लिए खासकर विवाह, सगाई, रिश्ता पक्का करने के लिए, गृह प्रवेश आदि के लिए फुलेरा दूज के दिन किसी मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है.
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