पिता का हुआ देहांत तो किसी ने नहीं दिया साथ, दो भाईयों ने जमा किए 10,000 और खुद शुरू कर दिया बिजनेस, आज रोजाना 3000 का गल्ला

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Brothers Business Success Story: लोकल 18 की टीम ने जब मनोज गावंदे से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे पिता का देहांत 2006 में हो गया था. परिवार की हिम्मत टूट गई थी. लेकिन मेरी मां ने हमको सहयोग किया हम दूसरों के यहां पर काम पर गए दोनों भाइयों ने ₹10000 जमा किए और कपड़े का व्यवसाय शुरू किया हाट बाजार में हम दुकान लगाते हैं. जिससे हमें काफी पहले कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आइए जानते हैं इनके संघर्ष की पूरी कहानी

मोहन ढाकले/बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के अडगांव में रहने वाले मनोज गावंडे और विनोद की ऐसी कहानी से आज हम आपको रूबरू कराने के लिए जा रहे हैं जिनके पिता का 2006 में देहांत हो गया था. परिवार का बोझ दोनों भाइयों पर आ गया. काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा कोई काम धंधा नहीं मिला. दोनों भाइयों ने दूसरों के यहां पर नौकरी कर कर ₹10000 जमा किए और उस से कपड़े का बिजनेस शुरू कर दिया. उनको कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई सालों तक तो उनका खर्चा भी नहीं निकल पाता था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वह लगातार काम करते गए. आज 15 से 20 वर्षों से दोनों कपड़े का व्यवसाय कर हर साल लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं. दोनों का कहना है कि केवल आप को संघर्ष करना पड़ेगा सफलता जरूर मिलेगी.

भाइयों ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब मनोज गावंदे से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे पिता का देहांत 2006 में हो गया था. परिवार की हिम्मत टूट गई थी. लेकिन मेरी मां ने हमको सहयोग किया हम दूसरों के यहां पर काम पर गए दोनों भाइयों ने ₹10000 जमा किए और कपड़े का व्यवसाय शुरू किया हाट बाजार में हम दुकान लगाते हैं. जिससे हमें काफी पहले कठिनाइयों का सामना करना पड़ा हमारा रोज भी नहीं निकल पाता था. लेकिन अब हम रोजाना दो से ₹3000 की कमाई कर लेते हैं. मनोज गावंदे यह भी बताते हैं. कि हमने काफी कठिनाइयों का सामना कर यह सफलता हासिल की है. यदि आप भी इस तरह से बेरोजगार घूम रहे हैं तो कपड़े का व्यवसाय शुरू कर दिए आपको भी सफलता मिलेगी.

हर 3 महीने में मौसम के अनुसार करते हैं बिजनेस 
हर 3 महीने में हमारे द्वारा मौसम के अनुसार बिजनेस किया जाता है. गर्मी के समय में सादे कपड़े बेचते हैं. ठंड के मौसम में हमारे द्वारा ठंड को देखते हुए घर में कपड़े बेचे जाते हैं. तो वही हम खेल खिलौने की दुकान भी लगाते रहते हैं. जिससे हमारी अच्छी कमाई हो जाती है. हमारे द्वारा बुरहानपुर जिले के अंतर्गत गांव में लगने वाले है हाट बाजार में दुकानें लगाई जाती है. इस काम में मेरी माता के साथ मेरा भाई भी सहयोग करता है.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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पिता के देहांत के बाद भाईयों ने 10 हजार से शुरू किया काम, आज रोज 3000 का गल्ला

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