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India Malawi Relations: दुनिया में युद्ध के माहौल के बीच भारत ने मानवीय पहल करते हुए अफ्रीका के सूखा प्रभावित देश मलावी को 1000 मीट्रिक टन चावल भेजा है. एल नीनो के कारण मलावी में गंभीर सूखा पड़ा है और लाखों लोग खाद्य संकट से जूझ रहे हैं.
भारत की ओर से भेजा गया चावल.
लिलोंग्वे: दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध की आग भड़क रही है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग से तेल बाजार हिल चुका है और पश्चिम एशिया में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं. ऐसे माहौल में जहां कई देश अपनी सैन्य रणनीतियों में उलझे हैं, वहीं भारत ने मानवीय मदद का एक बड़ा संदेश दिया है. भारत ने अफ्रीका के सूखा प्रभावित देश मलावी के लोगों के लिए 1000 मीट्रिक टन चावल भेजा है. यह मानवीय सहायता मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट से रवाना की गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह मदद एल नीनो के कारण आए सूखे से जूझ रहे मलावी के लोगों की खाद्य सुरक्षा में मदद करने के लिए भेजी गई है. उन्होंने कहा कि यह कदम ग्लोबल साउथ के देशों के साथ भारत की साझेदारी और सहयोग की भावना को दिखाता है.
मलावी देश कहां है?
मलावी दक्षिणी अफ्रीका में स्थित एक छोटा लैंडलॉक्ड देश है. यह तंजानिया, जाम्बिया और मोजाम्बिक से घिरा हुआ है. यह देश अपनी झील मलावी के लिए भी जाना जाता है, जो अफ्रीका की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है. मलावी की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है. देश की बड़ी आबादी कृषि से जुड़ी है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से लगातार बदलते मौसम और सूखे की वजह से यहां खेती पर भारी असर पड़ा है.
मलावी में क्यों पड़ा भयानक सूखा?
मलावी इस समय गंभीर सूखे की चपेट में है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण एल नीनो मौसम प्रणाली को माना जा रहा है. एल नीनो की वजह से कई अफ्रीकी देशों में बारिश का पैटर्न बिगड़ जाता है और लंबे समय तक बारिश नहीं होती. 2025 और 2026 के बीच कई क्षेत्रों में लगातार सूखे की स्थिति बनी रही. कई जिलों में 7 से 10 दिन तक बारिश बिल्कुल नहीं हुई, जिससे फसलें बर्बाद हो गईं. हालात इतने खराब हो गए कि सरकार को देश के कई हिस्सों में आपदा की स्थिति घोषित करनी पड़ी. रिपोर्टों के मुताबिक देश में फसल उत्पादन पर भारी असर पड़ा है और लाखों लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं. कई इलाकों में पशुधन भी प्रभावित हुआ है और पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
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