Agency:एजेंसियां
Last Updated:
चिली में दक्षिणपंथी नेता जोसे एंटोनियो कास्ट ने 58% वोटों के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. सुरक्षा, अपराध और अवैध इमिग्रेशन चुनाव के मुख्य मुद्दे रहे. पिनोशे समर्थक माने जाने वाले कास्ट की जीत को 1990 के बाद सबसे बड़ा दक्षिणपंथी बदलाव माना जा रहा है. समर्थक इसे कानून-व्यवस्था की वापसी बता रहे हैं.
फुटबॉल स्टार लियोनल मेसी जब भारत घूम रहे हैं, तब उनके देश अर्जेंटीना के पड़ोस में एक बड़ा खेल हो गया है. अर्जेंटीना के पड़ोसी चिली की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है. दक्षिणपंथी नेता जोसे एंटोनियो कास्ट (José Antonio Kast) ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. उन्होंने वामपंथी सत्तारूढ़ गठबंधन की उम्मीदवार जीनैट जारा को करारी शिकस्त दी है. कास्ट को 58 फीसदी से ज्यादा वोट मिले, जबकि यह राष्ट्रपति पद के लिए उनकी तीसरी कोशिश थी. यह जीत 1990 में सैन्य तानाशाही के अंत के बाद चिली का सबसे बड़ा दक्षिणपंथी झुकाव मानी जा रही है.
चुनाव के क्या रहे मुद्दे?
चुनाव अभियान के दौरान सुरक्षा, अपराध, अवैध इमिग्रेशन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे पूरी तरह हावी रहे. कास्ट ने देश को ‘अराजकता की ओर जाता हुआ’ बताकर मतदाताओं में डर और असुरक्षा की भावना को जोर-शोर से उठाया. जीत के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए कास्ट ने कहा, ‘चिली अब अपराध से मुक्त होगा, डर से मुक्त होगा. अपराधियों की जिंदगी बदलने वाली है, हम उन्हें ढूंढेंगे, पकड़ेंगे, सजा देंगे और जेल में डालेंगे.’
ट्रंप स्टाइल राजनीति
सैंटियागो में जश्न मनाते समर्थकों के सिर पर ‘मेक चिली ग्रेट अगेन’ की लाल टोपी दिखी, जिसने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप से कास्ट की वैचारिक नजदीकी को उजागर कर दिया. कास्ट खुद ट्रंप के खुले प्रशंसक रहे हैं और उनकी नीतियां भी अमेरिकी राष्ट्रपति की लाइन पर चलती दिखती हैं. सीमा पर दीवार, सख्त जेलें, अवैध प्रवासियों का बड़े पैमाने पर निर्वासन और सरकारी खर्चों में कटौती का वह समर्थन करते हैं.
पिनोशे की छाया फिर लौटी?
कास्ट की जीत ने चिली के अतीत के जख्म भी हरे कर दिए हैं. उन्होंने कई बार तानाशाह ऑगस्टो पिनोशे की तारीफ की है, जिनका 1973 से 1990 तक का शासन मानवाधिकार उल्लंघनों, जबरन गायब किए जाने और दमन के लिए बदनाम रहा. कास्ट के भाई पिनोशे सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनके पिता पर नाजी पार्टी से जुड़े होने के आरोप भी रहे हैं. कास्ट समर्थकों में कुछ लोग खुलकर कहते दिखे कि ‘पिनोशे के दौर में शांति थी,’ जबकि विरोधियों को डर है कि यह जीत चिली को फिर उसी अंधेरे दौर की ओर ले जा सकती है.
अपराध का डर या राजनीतिक नैरेटिव?
हालांकि चिली अब भी दक्षिण अमेरिका के सबसे सुरक्षित देशों में गिना जाता है और हाल के वर्षों में हत्या दर में गिरावट भी आई है, लेकिन अवैध इमिग्रेशन और संगठित अपराध की धारणा ने मतदाताओं को गहराई से प्रभावित किया. कास्ट ने लगातार प्रवासियों, खासकर वेनेजुएला से आए लोगों को अपराध से जोड़कर पेश किया. वहीं आलोचकों का कहना है कि असुरक्षा का डर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. कई अध्ययनों के मुताबिक, विदेश में जन्मे लोग औसतन कम अपराध करते हैं.
About the Author
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
.