Nimar Utsav: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पवित्र एवं पर्यटन नगरी महेश्वर में निमाड़ उत्सव की तैयारियां इन दिनों जोरो पर चल रही है. मध्य प्रदेश की आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी भोपाल द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय निमाड़ उत्सव विगत 31 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है. इजिप्ट के कलाकारों सहित, देश के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण, सुदेश भोसले, जावेद अली जैसे कई बड़ी सितारे यहां प्रस्तुतियां दे चुके हैं. इस साल भी मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उड़ीसा के कलाकार अपनी स्थानीय कला एवं संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे.
नोडल अधिकारी नीरज अमझरे ने बताया, इस साल 22 से 24 नवंबर तक निमाड़ उत्सव का भव्य आयोजन मां नर्मदा के घाट पर किया जाएगा. उत्सव की शुरुआत शाम 7 बजे मां नर्मदा की काकड़ा आरती और भक्ति गीतों से होगी. पहले दिन दिल्ली के प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा अपनी सुमधुर प्रस्तुतियां देंगे. अगले दिन राजस्थान के मांगणियार गायन, उड़ीसा का गोटीपुआ नृत्य और गुजरात का राठ नृत्य उत्सव में पारंपरिक रंग भरेंगे. साथ ही निमाड़ी लोक नृत्य और जनपदीय गायन भी इस मंच पर अपनी छाप छोड़ेंगे.
उत्सव के लिए बन रहा भव्य मंच
कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक किला के सामने 2160 वर्गफुट का भव्य मंच तैयार किया जा रहा है, जिसे उत्तरमुखी दिशा में बनाया जा रहा है. भोपाल और दमोह की टीम मंच निर्माण में लगातार जुटी हुई है. किले और परिसर को रंग बिरंगी लाइटिंग से सजाया जा रहा है. वहीं, उत्सव के दौरान अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, काव्य पाठ स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को आकर्षित करेंगी. इस साल निमाड़ी कवि सम्मेलन भी खास रहेगा.
मांगणियार गायन, गोटीपुआ नृत्य भी रहेगा खास
22 नवंबर को लखबीर सिंह लक्खा द्वारा भजनों की प्रतुति होगी. 23 नवंबर को बाड़मेर (राजस्थान) के भुट्टे खां एवं साथी द्वारा मांगणियार गायन, पूरी (उड़ीसा) की चन्द्रमणि प्रधान एवं साथी द्वारा गोटीपुआ नृत्य, बड़ौदा (गुजरात) के विजयभाई राठवा एवं साथी द्वारा राठ नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएगी. इसी रात खरगोन के कवियों द्वारा निमाड़ी कवि सम्मेलन भी होगा. पद्मश्री जगदीश जोशीला इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे.
दिखेगी निमाड़ी की लोक संस्कृति
24 नवंबर को खरगोन (मध्य प्रदेश) की गौरी देशमुख द्वारा कथक, खंडवा के अनुजा जोशी द्वारा गणगौर और रामदास साकल्ले द्वारा काठी नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी. इसके बाद राष्ट्रीय कवि सुदीप भोला, डॉ. शंभूसिंह मनहर, भुवन मोहिनी और नरेंद्र श्रीवास्तव अटल अपनी ओजस्वी कविताओं से कार्यक्रम में ऊर्जा भरेंगे. सूत्रधार की भूमिका बुद्धिप्रकाश दाधीच निभाएंगे.
खेती प्रतियोगिताएं भी होंगी
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा. 22 नवंबर को सुबह रैली के साथ इसकी शुरुआत होगी. फिर तीन दिन तक बालक बालिकाओं के बीच कबड्डी, कुश्ती, मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिताएं उत्कृष्ट विद्यालय और महेश्वर किला परिसर में होंगी. शाम को नौका सज्जा भी खास रहेगी, जिसमें नाविकों द्वारा अपनी नौकाओं को अलग अलग थीम पर सजाया जाएगा. सभी प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा.
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