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गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज गेट पर मिलने वाली अंडा भुर्जी मैगी छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. मसालेदार भुर्जी और क्रीमी मैगी का यह कॉम्बिनेशन स्वाद के साथ प्रोटीन भी देता है, इसलिए इसे झटपट बनने वाला हेल्दी और चटपटा स्नैक माना जा रहा है.
गाजीपुर. जब बात कम समय में चटपटी भूख मिटाने की हो, तो जेहन में सबसे पहला नाम मैगी का आता है. लेकिन गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज के गेट पर मिलने वाली मैगी में एक खास ट्विस्ट है. यहां साधारण मैगी नहीं, बल्कि अंडा भुर्जी मैगी का क्रेज छात्रों के सिर चढ़कर बोल रहा है. यह डिश न केवल स्वाद में बेजोड़ है, बल्कि प्रोटीन से भरपूर होने के कारण इसे एक हेल्दी विकल्प भी माना जा रहा है. पिछले एक साल से मेडिकल कॉलेज के पास अपनी दुकान चला रहे अमितेश मौर्या बताते हैं कि छात्रों की डिमांड को देखते हुए उन्होंने इस खास डिश की शुरुआत की. अमितेश के अनुसार, साधारण मैगी हर जगह मिलती है, लेकिन हमने इसमें मसालेदार अंडा भुर्जी का कॉम्बिनेशन जोड़ा है. इससे मैगी का टेक्सचर क्रीमी हो जाता है और खाने वाले को ज्यादा संतुष्टि मिलती है.
झटपट तैयार होने वाली रेसिपी
अमितेश इस डिश को बनाने का सीक्रेट भी साझा करते हैं, सबसे पहले बटर या तेल में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और लहसुन का तड़का लगाया जाता है. टमाटर और मसालों के बेस में अंडों को डालकर हल्के हाथों से स्क्रेम्बल(Scramble) किया जाता है ताकि भुर्जी सॉफ्ट रहे. स्क्रैबल करने के लिए फ्राइंग पैन का भी इस्तेमाल कर सकते है. आखिर में उबली हुई मैगी और मैगी मसाला मिलाकर इसे हल्का जूसी रखा जाता है. ऊपर से हरा धनिया इसकी रंगत और बढ़ा देता है.
छात्रों की जुबानी क्यों है यह खास?
मेडिकल छात्र शुभम का कहना है कि, दिनभर की क्लास और पढ़ाई के बाद हमें कुछ ऐसा चाहिए जो जल्दी बने और पेट भी भरे. सिर्फ मैगी खाने से बेहतर है अंडा भुर्जी मैगी, क्योंकि इसमें स्वाद के साथ-साथ अंडों का न्यूट्रिशन भी मिल जाता है. यहां आने वाले अधिकतर छात्रों के लिए यह अब शाम का सबसे पसंदीदा स्नैक बन चुका है. पीयूष मिश्रा बताते है कि मैगी खाने से तो हमलोग बचते है लेकिन अंडा खाना जरूरी है, जिसके पोषण मिलता तो क्यों न अंडे भुर्जी वाली मैगी खाई जाए. तो टेस्ट के साथ न्यूट्रीशनल वैल्यू भी ऐड कर दें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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