दिल्ली में एक व्यक्ति WhatsApp पर आए फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज का शिकार हो गया और साइबर ठगों ने उससे ₹4 लाख से ज्यादा की रकम उड़ा ली. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे साइबर अपराधी सरकारी भाषा और भरोसेमंद नामों का इस्तेमाल कर आम लोगों को ठग रहे हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित को WhatsApp पर एक मैसेज मिला, जिसमें दावा किया गया था कि उसके नाम पर ₹1,000 का ट्रैफिक चालान लंबित है. यह मैसेज ‘NextGen mParivahan’ के नाम से भेजा गया था और इसमें ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे यह पूरी तरह सरकारी नोटिस जैसा लगा.
मैसेज में एक लिंक दिया गया था, जिस पर क्लिक कर चालान चेक और भुगतान करने के लिए कहा गया. व्यक्ति ने बिना शक किए लिंक पर क्लिक किया और एक ऐप डाउनलोड कर लिया. ऐप इंस्टॉल होने के बाद कोई चालान डिटेल नहीं दिखी, लेकिन कुछ ही समय बाद असली नुकसान शुरू हुआ.
दोपहर करीब 2:59 बजे पीड़ित को ईमेल अलर्ट मिला कि उसके Amazon ई-वॉलेट का पासवर्ड बदल दिया गया है. इसके तुरंत बाद उसका ईमेल आईडी भी बदल दिया गया. कुछ ही मिनटों में अलग-अलग बैंकों से क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन के SMS आने लगे.
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने पीड़ित के सेव किए गए क्रेडिट कार्ड डिटेल्स का इस्तेमाल कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ई-गिफ्ट कार्ड खरीदे. ये गिफ्ट कार्ड सीधे ठगों के ईमेल पर डिलीवर हो गए, जिससे पैसे रिकवर करना लगभग नामुमकिन हो गया. कुल मिलाकर पीड़ित को करीब ₹4.05 लाख का नुकसान हुआ.
पुलिस का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है. हाल के दिनों में कई लोग WhatsApp और SMS के जरिए भेजे गए फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज का शिकार हो चुके हैं. चूंकि अब कुछ सरकारी अलर्ट वास्तव में WhatsApp पर आते हैं, इसलिए ठग इसी भरोसे का फायदा उठा रहे हैं.
ऐसे रहें सेफ
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी ट्रैफिक चालान की जानकारी केवल Parivahan की आधिकारिक वेबसाइट पर ही चेक करें. अनजान लिंक, QR कोड या तुरंत भुगतान की मांग करने वाले मैसेज से सावधान रहें. अगर कोई मैसेज डर या जल्दबाजी पैदा करे, तो रुकें, जांच करें और तभी कोई कदम उठाएं.
.