Last Updated:
Putin ने न्यक्लियर ड्रिल करवाकर यूक्रेन के साथ-साथ अमेरिका को भी तगड़ा शॉक दिया है.आगे जानें Nuclear Warhead के मामले में Europian Union और Russia कहां खड़े हैं।
मॉस्को: ट्रंप की लाख मिन्नतों के बाद भी रूस-यूक्रेन की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. उल्टा अब तो पुतिन ने अपनी फोर्स को न्यूक्लियर ड्रिल का आदेश भी दे दिया है. परमाणु ताकत के अभाव में यूक्रेन थर-थर कांप रहा है. अगर वाकई रूस न्यूक्लियर तान देता है तो यूक्रेन के पास यूरोप का सहारा ही बचता है. अमेरिका बड़े भैय्या की भूमिका जरूर निभा रहा है लेकिन इस मामले से दूर ही रहने के आसार हैं. आगे जानें अगर पूरा यूरोप मिलकर पुतिन के खिलाफ न्यूक्लियर वॉरहेड साध देता है तो कौन किस पर भारी पड़ेगा?
America का क्या है स्टैंड?
Russia की क्या है Nuclear Power?
परमाणु ताकत के मामले में रूस दुनिया का सबसे पावरफुल देश है. कुल वॉरहेड की बात करें तो पुतिन के पास अमेरिका से भी ज्यादा लगभग 5000 से 6000 वॉरहेड हैं. इसके साथ ही टेक्टिकल हथियारों का जखीरा 1000 से 2000 तक है. न्यूक्लियर हथियार कैरी करने वाले Nuclear Triad में भूमि-आधारित ICBMs, पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBMs), सामरिक बॉम्बर्स भी हैं.
EU कहां खड़ा है?
अब बात करें यूरोपियन यूनियन की तो इसमें सिर्फ फ्रांस ही ऐसा देश है, जो परमाणु ताकत है. फ्रांस भले ही दुनिया की चौथी सबसे पड़ी न्यूक्लियर पावर है लेकिन इसके पास वॉरहेड्स के मामले में ये देश रूस से बहुत छोटा है. इसके अलावा फ्रांस के पास सिर्फ 290 परमाणु हथियार हैं. Nuclear Triad के नाम पर ये देश मुख्य रूप से पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBMs) पर निर्भर है और टेक्टिकल हथियार निल हैं.
यूरोप का हिस्सा यूनाइटेड किंगडम भी है, जिसके पास 225 परमाणु हथियार हैं, जो मुख्य रूप से चार ‘वैनगार्ड’ श्रेणी की पनडुब्बियों पर आधारित हैं. हालांकि, यूके EU का हिस्सा नहीं है.
.