सर्दियों में हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें? जाने-माने डॉक्टर नरेश त्रेहन ने बताए बचाव के 5 असरदार तरीके

How To Prevent Heart Attack in Winter: उत्तर भारत में इस वक्त कड़ाके की ठंड पड़ रही है और कई जगहों पर पारा काफी लुढ़क गया है. सर्दियों का मौसम सेहत के लिए काफी चैलेंजिंग होता है, क्योंकि इस दौरान शरीर में फिजियोलॉजिकल और बायोलॉजिकल बदलाव होते हैं. इसका सबसे गहरा असर दिल की सेहत यानी हार्ट हेल्थ पर पड़ता है. ठंड के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो सर्दियों में तापमान में गिरावट, ठंडी हवाएं, नमी और एयर प्रेशर में बदलाव आता है और ये सभी फैक्टर्स मिलकर दिल पर एक्स्ट्रा दबाव डालते हैं. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि सर्दी का मौसम हमारे हार्ट को कैसे प्रभावित करता है और इससे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.

मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन और जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन के अनुसार ठंड के मौसम में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए ब्लड वेसल्स को संकुचित कर देता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. यह स्थिति दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि ब्लड फ्लो कम होने से हार्ट को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या कोरोनरी आर्टरी डिजीज की समस्या होती है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है. अचानक ठंड में निकलना या सुबह-सुबह बहुत ठंड में टहलना हार्ट अटैक का ट्रिगर बन सकता है. अगर शरीर अत्यधिक ठंड के संपर्क में आ जाए, तो हाइपोथर्मिया की स्थिति पैदा हो सकती है. इस कंडीशन में हार्ट की मसल्स कमजोर हो सकती हैं.

कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो सर्दियों का मौसम मेंटल हेल्थ के लिए भी चुनौती भरा होता है. इस मौसम में धूप कम निकलती है और इससे मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. ठंड में कई लोगों को सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) हो सकता है, जिससे उदासी, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है. तनाव हार्मोन जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन दिल की धड़कनों को तेज कर देते हैं, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है. शहरी लाइफस्टाइल भी सर्दियों में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा देती है. लंबे समय तक बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, फास्ट फूड और ज्यादा नमक वाला खाना, नींद की कमी और एयर पॉल्यूशन जैसे फैक्टर्स हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकते हैं.

सर्दियों में हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें?

शराब और स्मोकिंग से बचें : सर्दियों में कई लोग ठंड से बचने के लिए शराब पी लेते हैं, लेकिन ऐसा करना बेहद खतरनाक है. ज्यादा शराब पीने से शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे तापमान संतुलन बिगड़ सकता है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है. ठंड के मौसम में शराब पीने से बचना चाहिए. इसके अलावा सर्दियों में स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि सिगरेट ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाती है और हार्ट फेलियर का बड़ा कारण मानी जाती है.

खुद को गर्म रखें और घर के अंदर रहें : ठंडे मौसम में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है. इसलिए बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना जरूरी है. सिर, हाथ और पैर को ढककर रखें, क्योंकि इन्हीं हिस्सों से शरीर सबसे ज्यादा गर्मी खो देता है. ठंड से बचने के लिए घर के अंदर रहें और अगर बाहर जाएं, तो प्रॉपर गर्म कपड़े पहनकर ही जाएं.

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रोज घर के अंदर करें एक्सरसाइज : सर्दियों में शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. ठंड के कारण सुबह बाहर टहलना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए घर के अंदर ही योग, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करें. नियमित एक्सरसाइज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल मजबूत बना रहता है. इससे हार्ट अटैक का रिस्क कम हो सकता है.

स्ट्रेस कंट्रोल करने की कोशिश करें : मानसिक तनाव भी दिल की सेहत पर गहरा असर डालता है. लगातार काम का दबाव, नींद की कमी और चिंता से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए काम के बीच नियमित ब्रेक लें, अपनी पसंद की एक्टिविटीज करें. घर पर योग और मेडिटेशन करने से मन शांत रहता है और तनाव हार्मोन कम होते हैं.

रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं : दिल की बीमारियां अक्सर बिना किसी बड़े लक्षण के बढ़ती हैं, इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी है. भले ही आपको कोई पुरानी बीमारी न हो, फिर भी 30 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को साल में एक बार ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट से जुड़े जरूरी टेस्ट जरूर कराने चाहिए. समय पर जांच से बीमारी की पहचान जल्दी हो जाती है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.

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