मटका खरीदते समय क्या-क्या चेक करें? लाल और काले का भी अंतर समझें, तभी मिलेगा चिल्ड पानी

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Summer Tips And Tricks: आज भी लोग मिट्टी के मटके का पानी ज्यादा पसंद करते हैं. इसमें पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और शरीर के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन, अक्सर जानकारी के अभाव में लोग बाजार से गलत मटका खरीद लेते हैं, जिससे पानी पर्याप्त ठंडा नहीं हो पाता. ऐसे में जरूरी है कि मटका खरीदते समय..

Summer Tips And Tricks: गर्मी के मौसम में ठंडा पानी किसी अमृत से कम नहीं होता. हालांकि, आजकल ज्यादातर लोग फ्रिज या आरओ के पानी का उपयोग करते हैं, लेकिन हर किसी को फ्रिज का पानी सूट नहीं करता. यही वजह है कि आज भी खरगोन सहित कई इलाकों में लोग मिट्टी के मटके का पानी ज्यादा पसंद करते हैं. इसमें पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और शरीर के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन, अक्सर जानकारी के अभाव में लोग बाजार से गलत मटका खरीद लेते हैं, जिससे पानी पर्याप्त ठंडा नहीं हो पाता. ऐसे में जरूरी है कि मटका खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को पहचानने के कुछ आसान तरीकों को जरूर अपनाया जाए.

मटके का रंग, बनावट और मिट्टी उसकी ठंडक तय करती है. बता दें कि खरगोन मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सबसे गर्म जिलों में शामिल है. यहां अप्रैल महीने में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है. ऐसे में ठंडा पानी शरीर को राहत देता है और गर्मी से बचाव करता है. गर्मी के मौसम में शरीर को स्वस्थ रखने और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए भी सही पानी पीना जरूरी होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज या आरओ के पानी की तुलना में मिट्टी के मटके का पानी ज्यादा लाभकारी होता है. यही कारण है कि गर्मी शुरू होते ही बाजार में देसी मटकों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. लेकिन सही मटका चुनना भी उतना ही जरूरी होता है.

मटका खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खरगोन के मटका बनने वाले सीताराम प्रजापत और पप्पू प्रजापत बताते हैं कि आज भी देसी मटकों की मांग कम नहीं हुई है. उनका कहना है कि मटका खरीदते समय उसकी मिट्टी जरूर देखें. जिस मटके की मिट्टी थोड़ी खुरदरी और प्राकृतिक दिखती है, वह ज्यादा ठंडा पानी रखता है. बहुत ज्यादा चिकनी और चमकदार सतह वाला मटका कम ठंडा करता है. इसके अलावा अच्छे मटके की पहचान यह भी है कि उसमें हल्का रिसाव दिखाई देता है. यदि मटका बाहर से हल्का गीला महसूस हो तो समझिए उसमें ठंडक बनाए रखने की क्षमता बेहतर है.

आवाज और मोटाई से भी पहचानें
मटका खरीदते समय उसे हल्के से थपथपाकर जरूर देखें. यदि उसमें ठन-ठन जैसी साफ आवाज आए तो मटका मजबूत और अच्छी क्वालिटी का होता है. वहीं दबा-दबा सा साउंड खराब गुणवत्ता का संकेत हो सकता है. मटके की मोटाई भी संतुलित होनी चाहिए. बहुत पतला मटका जल्दी टूट सकता है और बहुत मोटा मटका पानी को ज्यादा ठंडा नहीं रख पाता. इसके अलावा मटके के अंदर की सतह बिना किसी केमिकल पॉलिश या पेंट की होनी चाहिए. यदि संभव हो तो मटका खरीदते समय उसमें थोड़ा पानी भरकर भी जांच करनी चाहिए.

काला मटका ज्यादा ठंडा क्यों 
मटका बनाने वाले कारीगरों के अनुसार ज्यादातर लोग काले रंग का मटका खरीदना पसंद करते हैं. इसका कारण यह है कि काले मटके हाथ से बनाए जाते हैं और इनमें इस्तेमाल होने वाली नर्मदा की मिट्टी और पीली मिट्टी इन्हें ज्यादा ठंडा बनाती है. इन्हें आग में तपाने के बाद इनमें हल्का रिसाव रहता है, जिससे पानी ज्यादा ठंडा रहता है. वहीं लाल रंग के मटके ज्यादातर मशीन से बनाए जाते हैं. ये दिखने में आकर्षक जरूर होते हैं, लेकिन ठंडक के मामले में काले मटकों से थोड़े कम प्रभावी माने जाते हैं. हालांकि, अब कुछ लाल मटके भी बेहतर क्वालिटी में आने लगे हैं, लेकिन फिर भी काले मटकों की बराबरी नहीं कर पाते.

मटके का पानी पीना क्यों फायदेमंद?
खरगोन जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि फ्रिज का पानी कृत्रिम रूप से ठंडा होता है, जबकि मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. मिट्टी के मटके में पानी धीरे-धीरे रिसता है और हवा के संपर्क में आने से ठंडा होता रहता है, जिससे इसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है. उन्होंने बताया कि मटके का पानी पीने से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. यह पानी पाचन, त्वचा और हृदय से जुड़ी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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