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BP and Cholesterol Normal Range: अगर ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाए, तो इससे दिल के लिए खतरा पैदा हो सकता है. बीपी और कोलेस्ट्रॉल अनकंट्रोल होने से हार्ट अटैक आ सकता है. ऐसे में डॉक्टर्स बीपी और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने की सलाह देते हैं. सभी लोगों को समय-समय पर ये दोनों जांच करानी चाहिए. सभी लोगों को यह भी जानना चाहिए कि कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर का सामान्य स्तर कितना हो, ताकि इसे कंट्रोल करने में आसानी हो.
Normal BP and Cholesterol Levels: हार्ट से जुड़ी समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही हैं. इन हार्ट प्रॉब्लम्स की सबसे बड़ी वजह हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लेवल है. अक्सर लोग बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हार्ट के लिए खतरा पैदा हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप चाहते हैं कि आपका दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहे, तो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नॉर्मल रेंज जानना और उसे कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि एक वयस्क व्यक्ति का सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है. इसमें ऊपर का प्रेशर यानी सिस्टोलिक प्रेशर 120 से कम और नीचे का प्रेशर यानी डायस्टोलिक प्रेशर 80 से कम होना चाहिए. अगर आपका ब्लड प्रेशर इससे लगातार ज्यादा रहता है, तो यह हाई ब्लड प्रेशर की कंडीशन है. इसे कंट्रोल न करने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. आजकल बाजार में डिजिटल बीपी मशीनें उपलब्ध हैं, जिनसे आप घर बैठे अपना बीपी चेक कर सकते हैं.
डॉक्टर ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में मौजूद एक मोम जैसा पदार्थ होता है, जो सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो खून की धमनियों में जमा हो जाता है. इससे कई बार ब्लॉकेज पैदा हो जाती है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ सकता है. कोलेस्ट्रॉल मुख्य तौर पर दो तरह का होता है. पहला बैड कोलेस्ट्रॉल और दूसरा गुड कोलेस्ट्रॉल. हमारे खून में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल 100 mg/dL से कम हो, तो यह नॉर्मल माना जाता है. गुड कोलेस्ट्रॉल 50 mg/dL या इससे ज्यादा होना चाहिए. इसके अलावा ट्राइग्लिसराइड्स का नॉर्मल स्तर 150 mg/dL से कम होता है. हार्ट को हेल्दी रखने के लिए इन तीनों की मॉनिटरिंग करना जरूरी है.
एक्सपर्ट के मुताबिक ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की सिर्फ नॉर्मल रेंज जानना ही काफी नहीं है, बल्कि समय-समय पर जांच कराना भी उतना ही जरूरी है. कोलेस्ट्रॉल की जांच खून के जरिए होती है, जबकि बीपी की जांच डिजिटल या मैनुअल मशीन से हो जाती है. अगर आप अपना बीपी और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, बैलेंस्ड डाइट लें, रेगुलर एक्सरसाइज करें, रोज 7-8 घंटे की नींद लें और स्ट्रेस कंट्रोल करें. अगर फिर भी बीपी और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुए निकले, तो डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराएं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें