थायरॉइड होने पर कौन-कौन सी समस्याएं होने लगती हैं? इन 5 संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

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Thyroid Disorder Symptoms: थायरॉइड डिसऑर्डर की वजह से शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन पर असर पड़ता है. इससे लोगों का वजन अचानक कम या ज्यादा हो जाता है, थकान होती है, बाल झड़ते हैं और दिल की धड़कन में गड़बड़ी हो जाती है. महिलाओं में इर्रेगुलर पीरियड्स भी इसका संकेत हो सकते हैं. समय पर जांच और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

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थायरॉइड का सबसे कॉमन संकेत अचानक वजन बढ़ना या घटना है.

Thyroid Imbalance Signs: आजकल थायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर महिलाओं में यह परेशानी पुरुषों से ज्यादा देखी जा रही है. थायरॉइड एक छोटी तितली के आकार की ग्रंथि है, जो हमारे गले के सामने होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है. जब यह ग्रंथि कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर के कई सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं. शुरुआत में इसके लक्षण हल्के लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए समय रहते संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है.

थायरॉइड होने पर नजर आते हैं ये 5 संकेत

US की क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक थायरॉइड का सबसे कॉमन संकेत अचानक वजन बढ़ना या घटना है. हाइपोथायरॉइडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है. वहीं हाइपरथायरॉइडिज्म में मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे तेजी से वजन कम हो सकता है. अगर डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद वजन असामान्य रूप से बदल रहा है, तो यह थायरॉइड की ओर इशारा हो सकता है.

अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी हर समय थकान महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें. हाइपोथायरॉइड में शरीर की ऊर्जा उत्पादन क्षमता कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति सुस्त और थका हुआ महसूस करता है. दूसरी ओर हाइपरथायरॉइड में बेचैनी और नींद की कमी के कारण भी कमजोरी हो सकती है. यह लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो जांच कराना जरूरी है.

थायरॉइड हार्मोन बालों और त्वचा के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं. हाइपोथायरॉइड में बाल पतले और रूखे हो सकते हैं, झड़ना बढ़ सकता है और स्किन ड्राई हो जाती है. वहीं हाइपरथायरॉइड में भी बाल कमजोर हो सकते हैं. अगर अचानक बालों की गुणवत्ता में बदलाव दिखे, तो इसे केवल कॉस्मेटिक समस्या समझकर अनदेखा न करें.

हाइपरथायरॉइडिज्म में दिल की धड़कन तेज, घबराहट और चिड़चिड़ापन हो सकता है. वहीं हाइपोथायरॉइड में दिल की धड़कन धीमी हो सकती है और व्यक्ति डिप्रेशन, याददाश्त में कमी या ध्यान न लगने की समस्या महसूस कर सकता है. ये लक्षण अक्सर तनाव समझकर टाल दिए जाते हैं, लेकिन बार-बार होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूरी है.

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महिलाओं में थायरॉइड असंतुलन पीरियड्स को प्रभावित कर सकता है. पीरियड्स का अनियमित होना, ज्यादा या कम ब्लीडिंग या गर्भधारण में कठिनाई थायरॉइड की समस्या का संकेत हो सकता है. पुरुषों में भी हार्मोनल असंतुलन के कारण यौन स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. अगर ऐसे बदलाव लंबे समय तक बने रहें, तो हार्मोन की जांच करवानी चाहिए.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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