ये आयुर्वेद इंस्टीट्यूट बनेगा बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, क्या होता है इसका मतलब?

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national institute of ayurveda: जयपुर के नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद को सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस बनाया जाएगा. हाल ही में इसे देश का सर्वश्रेष्‍ठ आयुर्वेद‍िक संस्‍थान चुना गया था.

ये आयुर्वेद इंस्टीट्यूट बनेगा बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, क्या होता है इसका मतलबजयपुर एनआईए बनेगा सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस.
Jaipur NIA: आयुर्वेदिक उपचार को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा. इसे पहले से ही भारत का सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक संस्थान का पुरुस्कार प्राप्त है. अब यह नई उपलब्धि भी इसके खाते में दर्ज हो जाएगी. यह भारत का आयुष क्षेत्र का पहला मानद विश्विविद्यालय है. यहां हर साल 4 लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए आते हैं साथ ही 25000 से ज्यादा मरीजों को एडमिट कर इलाज दिया जाता है. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद आयुर्वेदिक इलाज में यह उत्कृष्टता केंद्र बन जाएगा.

एनआईए जयपुर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने लिया है. बता दें कि यह संस्थान एससी, एसपी और एसटीपी योजनाओं के तहत 12 जिलों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर भी चलाता है. साथ ही इसकी जीएमपी-प्रमाणित फार्मेसी 100 से अधिक आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन करती है. एनएएसी ‘ए’ ग्रेड, एनएबीएच और एनएबीएल पुरस्कार प्राप्त इस संस्थान में 15 देशों के विद्यार्थी आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे हैं.

यह पहला अस्पताल होगा जिसे पूरे के पूरे को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है. जबकि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली जैसे संस्थानों में भी सिर्फ कई डिपार्टमेंट हैं जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा प्राप्त है. इनमें न्यूरोसर्जरी विभाग के अलावा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक भी शामिल है.

क्या होता है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस?
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का अर्थ उत्कृष्टता केंद्र होता है. यानि एक ऐसा सेंटर जिसमें किसी विशेष मेडिकल क्षेत्र में एक ही छत के नीचे एडवांस पेशेंट केयर दी जाती है. इसके साथ ही रिसर्च और एजुकेशन, स्टडीज, लेटेस्ट तकनीक का प्रयोग,एडवांस इनोवेशंस, पेशेंट सेंटर्ड एप्रोच पर काम करता है. यहां काम करने वाली टीम में काफी फोकस्ड लीडिंग प्रोफेशनल्स काम करते हैं. यहां विशेष क्षेत्र में सर्जिकल और नॉन सर्जिकल सभी प्रकार का इलाज शामिल होता है.

क्या होगा फायदा?
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद यह संस्थान आयुर्वेद के क्षेत्र में हायर क्वालिटी केयर, साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज करने के साथ ही इस नॉलेज को अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने का काम करेगा.इससे न केवल आयुर्वेदिक इलाज का स्तर बेहतर होगा बल्कि बड़े स्तर पर इस पैथी को रिकॉग्निशन मिलेगा.

प्रिया गौतमSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ और रियल एस…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ और रियल एस… और पढ़ें

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ये आयुर्वेद इंस्टीट्यूट बनेगा बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, क्या होता है इसका मतलब

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