हरी सब्जियां खाने का सही तरीका क्या है? किन्हें करना चाहिए परहेज, क्या है आयुर्वेद का नियम

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Best Way To Eat Leafy Greens: कई लोग हरी सब्जियां खाने के शौकीन होते हैं, लेकिन वे कच्ची सब्जियां भी खा लेते हैं. आयुर्वेद के अनुसार पालक और गोभी जैसी सब्जियां पाचन बिगाड़ सकती हैं और टेपवर्म जैसे परजीवी का खतरा पैदा करती हैं. सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह साफ करना चाहिए और सही तरीके से पकाना चाहिए. इसके बाद ही सेवन करना चाहिए.

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आयुर्वेद के अनुसार हरी सब्जियां कच्ची नहीं खानी चाहिए, बल्कि इन्हें अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए.

How to Cook Green Vegetables: अक्सर कहा जाता है कि आप जितना ज्यादा हरी सब्जियां खाएंगे, शरीर को उतना फायदा मिलेगा. हरी सब्जियों में पोषक तत्वों का भंडार होता है और डॉक्टर्स भी लोगों को डाइट में ग्रीन वेजिटेबल्स शामिल करने की सलाह देते हैं. हरी सब्जियों का सेवन हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को हरी सब्जियां खूब खानी चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हरी सब्जियां खाने से पाचन में सुधार होता है और इम्यूनिटी मजबूती होती है. ये सब्जियां हार्ट हेल्थ को बूस्ट करने में भी मददगार होती है. कई लोग हरी सब्जियां कच्चा खाना पसंद करते हैं. आज के समय में सैंडविच से नूडल्स में कच्ची सब्जियों का काफी इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि यह तरीका सही नहीं माना जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार हरी सब्जी खाने का फायदा तभी मिलेगा, जब आप सही तरीके से इसका सेवन करेंगे. गलत तरीके से सब्जियां खाने से सेहत को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां पोषण से भरपूर होती हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इन्हें कम मात्रा और सही तरीके से पकाकर खाना चाहिए. कई हरी सब्जियां शरीर में वात दोष बढ़ा सकती हैं और पचने में भारी होती हैं. इसके लिए आयुर्वेद में कुछ बेहतर तरीके बताए गए हैं, जिससे हरी सब्जियों की पौष्टिकता बनाए रखते हुए पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है. आयुर्वेद साफ कहता है कि हरी सब्जियों को कच्चा नहीं खाना चाहिए.

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आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के मुताबिक हरी सब्जियों को कच्चा खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें खतरनाक पैरासाइट हो सकते हैं. खासकर पालक, शिमला मिर्च और पत्तागोभी में टेपवर्म पाया जाता है, जो पेट से लेकर ब्रेन को गंभीर नुकसान पहुंचाता है. कच्ची हरी सब्जियों में वात की अधिकता होती है. पकने के बाद सब्जियों में वात की अधिकता कम हो जाती है. इसलिए हरी सब्जियों को उबालें, फिर उनका अतिरिक्त पानी निचोड़ें और अंत में घी या तेल में हल्का भूनकर पकाएं.

बुजुर्गों और बच्चों को हरी सब्जियों का सेवन कम करने दें. दरअसल बढ़ती उम्र के साथ शरीर में वात की अधिकता बढ़ती है और पाचन मंद पड़ जाता है. बच्चों का पाचन भी बड़ों की तुलना में कमजोर होता है. ऐसे में बुजुर्गों और बच्चों दोनों को सही मात्रा और सही तरीके से सब्जियों का सेवन करने दें. हरी सब्जियों की तुलना में बुजुर्गों और बच्चों को तोरई, टिंडा, लौकी, परवल और कुंदरू अधिक मात्रा में दें. यह हरी सब्जियों जितनी ही पौष्टिक होती हैं. अगर बच्चे इन सब्जियों को कम पसंद करते हैं तो उन्हें आटे में मिलाकर पराठा या मीठे के रूप में भी दिया जा सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

About the Author

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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