महिलाओं में मोटापा की वजह क्या है? गायनोलॉजिस्ट ने बताया नॉर्मल डाइट के बावजूद वजन बढ़ने का कारण

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PCOS Causes Fat In Women: महिलाओं में मोटापा का एक गंभीर कारण पीसीओएस है. ये एक हार्मोनल कंडीशन है, जिसके कारण महिलाओं में वजन बढ़ने, फैट कंट्रोल करने में मुश्किल जैसी समस्याएं कॉमन है. यहां आप गायनोलॉजिस्ट से पीसीओएस और महिलाओं में ओबेसिटी के बीच के कनेक्शन को डिटेल में समझ सकते हैं.

पीसीओएस से वजन बढ़ने की समस्या

मोटापा की एक कॉमन वजह ओवरईटिंग है. लेकिन कई महिलाओं में नॉर्मल डाइट और ईटिंग हैबिट्स के बावजूद लगातार वजन बढ़ने की समस्या देखी जाती है. ऐसे में व्यक्ति के लिए ये समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर मोटापे को कम करने के लिए करे तो करे क्या?

नोएडा के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सीनियर डायरेक्टर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रतिभा सिंगल बताती हैं कि इसका मुख्य कारण है हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेसिस्टेंस, जो पीसीओएस से जुड़ी एक आम समस्या है. इसके अलावा त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे गंभीर मुहांसे और अनचाहे बाल, मानसिक तनाव और डिप्रेशन भी इसके ही साइड इफेक्ट्स के रूप में जाने जाते हैं.

हार्मोनल गड़बड़ी और इंसुलिन रेसिस्टेंस

PCOS में महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है. साथ ही, शरीर में इंसुलिन का असर कम हो जाता है, जिससे कोशिकाएं शुगर को ठीक से एनर्जी में नहीं बदल पाती. इसका नतीजा यह होता है कि खून में इंसुलिन और ग्लूकोज का लेवल लगातार बढ़ता चला जाता है. बॉडी में जरूरत से ज्यादा इंसुलिन एंड्रोजन के प्रोडक्शन को और बढ़ा देता है, जिससे पेट और कमर के आसपास चर्बी जमा हो जाती है. इसे सेंट्रल ओबेसिटी या पीसीओएस बेली भी कहा जाता है.

मेटाबॉलिक गड़बड़ी

वजन बढ़ना और पीसीओएस, दोनों एक-दूसरे को और बिगाड़ते हैं. मोटापा जितना बढ़ता है, उतनी ही इंसुलिन रेसिस्टेंस भी बढ़ जाती है. इससे हार्मोनल असंतुलन और गहरा होता है और वजन कम करना और मुश्किल हो जाता है. साथ ही शरीर की फैट कोशिकाएं सामान्य रूप से काम नहीं करतीं यानी फैट का टूटना कम और जमा होना ज्यादा होता है. इसके अलावा, पीसीओएस वाली महिलाओं में लो ग्रेड इंफ्लेशन यानी कि सूजन की समस्या रहती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है और वजन के बढ़ने की संभावना होती है.

छुपा हुआ मोटापा

पीसीओएस वाली कई महिलाएं बताती हैं कि वे “सामान्य” मात्रा में खाती हैं, लेकिन फिर भी वजन बढ़ता जाता है. इसका कारण यह है कि हार्मोनल बदलाव भूख और खाने की इच्छा पर असर डालते हैं. इससे मन बार-बार स्नैक या मिठाई खाने का करता है और बिना ध्यान दिए कैलोरी ज्यादा हो जाती है. कई बार शरीर के अंदर वजन का बढ़ना बाहर से तुरंत नजर नहीं आता, क्योंकि यह “विसरल फैट” यानी अंदरूनी चर्बी होती है. यह फैट शरीर के अंगों के आसपास जमा होती है और हार्ट डिजीज, शुगर और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ाती है.

क्या है उपाय

डॉ. सिंगल सुझाव देती हैं कि पीसीओएस से जुड़ा वजन कंट्रोल करने के लिए केवल “कम खाना” काफी नहीं होता. इसके लिए जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह से हार्मोनल संतुलन को ठीक किया जाए और साथ ही नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण पर ध्यान दिया जाए. वे कहती हैं कि अगर सही उपचार और अनुशासित जीवनशैली अपनाई जाए तो पीसीओएस और उससे जुड़ी वजन की समस्या दोनों को अच्छी तरह संभाला जा सकता है.

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया … और पढ़ें

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गायनोलॉजिस्ट ने बताया नॉर्मल डाइट के बावजूद वजन बढ़ने का कारण

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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