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Local And Hybrid Tomato Difference: जबलपुर की सब्जी मंडी में दिनों देसी टमाटर और हाइब्रिड टमाटर की धूम है. लेकिन, कई बार इनके रेट और स्वाद को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता है. ऐसे में जानें कौन सा टमाटर खरीदना सही पड़ेगा.
Jabalpur News: टमाटर की भी कई वैरायटी होती हैं. कुछ टमाटर ऐसे हैं, जिनके आकार गोल और लंबे होते हैं. उनके स्वाद के साथ ही रेट भी अलग हो जाते हैं. ऐसा ही अंतर देसी और हाइब्रिड टमाटर में होता है. हाइब्रिड टमाटर, देसी टमाटर की कीमत से ढाई गुना ज्यादा महंगा होता है. स्वाद में भी हल्का खट्टा और मीठापन होता है.
व्यापारी राहुल सिंह ने बताया, जबलपुर के लोकल मतलब देसी टमाटर का स्वाद हाइब्रिड टमाटर के मुकाबले खट्टा होता है, जो दाम में सस्ते भी होते हैं. लेकिन, पैदावार कम होने के चलते हाइब्रिड टमाटर (बेंगलुरु और महाराष्ट्र के टमाटर) पर निर्भर होना पड़ता है. क्योंकि इन सिटीज में हाइब्रिड टमाटर की खेती ज्यादा की जाती है.
जबलपुर में के देसी टमाटर, लाल होने में लगता समय
आगे बताया, जबलपुर के देसी टमाटर को लाल होने में काफी समय लगता है. मतलब यह टमाटर काफी देर में पकता है, जिसके चलते इसका रंग हल्का लाल और हल्के हरे रंग का होता है. जबकि, हाइब्रिड टमाटर पूरा लाल होता है. इसी तरीके से देसी टमाटर गोल मटोल होता है. हाइब्रिड टमाटर का आकार थोड़ा लंबा होता है, जिससे दोनों टमाटरों के बीच अंतर किया जा सकता है. देसी टमाटर देर से पकता है, यही कारण है कि बाजार में इसकी आवक ठंड में थोड़ी कम होती है, बावजूद इसके हाइब्रिड टमाटर से देसी टमाटर के दाम सस्ते होते हैं.
देसी टमाटर से ढाई गुना महंगा हाइब्रिड टमाटर
इन दिनों जबलपुर के मार्केट में देसी टमाटर की कीमत तकरीबन 40 रुपये किलो है, जबकि हाइब्रिड टमाटर 100 रुपये किलो की कीमत से ज्यादा में मार्केट में बेचा जा रहा है. हालांकि, इन टमाटरों की सप्लाई शहर में कम होती है. वहीं जब देसी टमाटर की आवक शहर में कम होने लगती है, तब हाइब्रिड टमाटर की डिमांड शहर में तेजी से बढ़ जाती है.
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