हरी मटर और फ्रोजन मटर में क्या है अंतर, क्या इसे खाना सेफ, 99% लोग नहीं जानते इसका जवाब

ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि हरी मटर और फ्रोजन मटर एक ही चीज हैं, बस फर्क इतना है कि एक ताजा होती है और दूसरी पैक में मिलती है. लेकिन सच यह है कि इन दोनों के बीच पोषण, स्वाद, प्रोसेसिंग और सेहत पर असर के मामले में भी कई अंतर हैं, जिनके बारे में अधिकतर लोग सही जानकारी नहीं रखते. यही वजह है कि फ्रोजन मटर को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इसे खाना वाकई सेफ है या नहीं.

हरी मटर वह होती है जो सीधे खेत से ताज़ा तोड़कर बाजार में आती है. यह अपने नेचुरल रूप में होती है और इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग नहीं की जाती. ताजी हरी मटर में फाइबर, विटामिन C, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसका स्वाद थोड़ा मीठा और टेक्सचर नरम होता है, जो सब्जी, पुलाव या सलाद में इस्तेमाल करने पर ज्यादा फ्रेश लगता है. अगर हरी मटर को तोड़ने के तुरंत बाद इस्तेमाल किया जाए, तो इसका पोषण सबसे ज्यादा रहता है.

वहीं फ्रोजन मटर को खास प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. इसे खेत से तोड़ने के कुछ ही घंटों के अंदर हल्का उबाल यानी ब्लांच किया जाता है और फिर तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है. इस प्रोसेस का मकसद मटर का रंग, स्वाद और पोषक तत्व लंबे समय तक सुरक्षित रखना होता है. कई लोग सोचते हैं कि फ्रोजन मटर में केमिकल्स मिलाए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अच्छी क्वालिटी की फ्रोजन मटर में आमतौर पर कोई प्रिजर्वेटिव नहीं डाला जाता, क्योंकि फ्रीजिंग खुद एक नेचुरल प्रिजर्वेशन तरीका है.

पोषण की बात करें तो सही तरीके से प्रोसेस की गई फ्रोजन मटर कई बार ताजी मटर से भी ज्यादा न्यूट्रिशन बरकरार रखती है. वजह यह है कि बाजार तक पहुंचने में ताजी मटर को कई दिन लग सकते हैं, इस दौरान उसके विटामिन्स धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. जबकि फ्रोजन मटर को जल्दी फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. हालांकि ब्लांचिंग के दौरान थोड़ी मात्रा में वॉटर-सॉल्युबल विटामिन्स जरूर कम हो सकते हैं.

अब सवाल आता है कि क्या फ्रोजन मटर खाना सेफ है. जवाब है, हां, अगर आप अच्छी ब्रांड की और सही तरीके से स्टोर की गई फ्रोजन मटर का इस्तेमाल करते हैं. ध्यान रखें कि मटर फ्रीजर में लगातार जमी रहे और बार-बार पिघलाकर दोबारा फ्रीज न की गई हो. पैकेट पर एक्सपायरी डेट और स्टोरेज इंस्ट्रक्शंस जरूर चेक करें. खराब तरीके से स्टोर की गई फ्रोजन मटर में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है.

स्वाद और इस्तेमाल की बात करें तो ताजी हरी मटर का स्वाद थोड़ा ज्यादा नेचुरल और मीठा होता है, जबकि फ्रोजन मटर कभी-कभी थोड़ी सॉफ्ट या मैशी लग सकती है. लेकिन रोजमर्रा की सब्जी, सूप, उपमा या पुलाव में फ्रोजन मटर एक सुविधाजनक और टाइम-सेविंग विकल्प है. खासकर ऑफ-सीजन में, जब ताजी हरी मटर महंगी या आसानी से उपलब्ध नहीं होती, तब फ्रोजन मटर सेहत के लिए एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. हरी मटर और फ्रोजन मटर दोनों के अपने फायदे हैं. अगर मौसम में ताजी हरी मटर मिल रही है और आप उसे जल्दी इस्तेमाल कर सकते हैं, तो वह बेहतरीन विकल्प है. वहीं समय की कमी या ऑफ-सीजन में फ्रोजन मटर भी पूरी तरह सेफ और पौष्टिक हो सकती है, बस सही ब्रांड और सही स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है.

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