हाइड्रोथेरेपी क्या है? बॉडी डिटॉक्स का नेचुरल तरीका, खुल जाएंगी सिकुड़ती खून की नसें

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What Is Hydrotherapy: हाइड्रोथेरेपी आयुष मंत्रालय के तहत आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी हुई है. इससे बॉडी को डिटॉक्स करने से लेकर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद मिलती है.

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Hydrotherapy Health Benefits: हाइड्रोथेरेपी एक वॉटर थेरेपी है, जो प्राकृतिक उपचार पद्धति का अहम हिस्सा है. इसमें अलग-अलग तापमान के पानी का उपयोग करके शरीर के दर्द को कम किया जाता है, विषैले तत्व बाहर निकाले जाते हैं और सेहत बेहतर बनाई जाती है. भारत में यह पद्धति आयुष मंत्रालय के तहत आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी हुई है.

इस थेरेपी का मुख्य उद्देश्य शरीर की “जीवन शक्ति” को मजबूत करना है, ताकि शरीर खुद बीमारियों से लड़ सके. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार, जब हमारी दिनचर्या जैसे नींद, खानपान, व्यायाम या उपवास संतुलित नहीं रहते, तो शरीर कमजोर होने लगता है और रोग पैदा होते हैं. हाइड्रोथेरेपी पानी के जरिए शरीर को डिटॉक्स करती है, मांसपेशियों को आराम देती है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और सूजन कम करती है.

हाइड्रोथेरेपी कैसे की जाती है?
हाइड्रोथेरेपी कई तरीकों से की जाती है, जैसे गर्म पानी में डुबकी लगाना, ठंडे पानी के पैक, स्टीम बाथ, स्विमिंग पूल में एक्सरसाइज या सिर पर बर्फ से मसाज. एक अध्ययन में माइग्रेन के 40 मरीजों को दो समूहों में बांटा गया. एक समूह को दवाओं के साथ हाइड्रोथेरेपी दी गई, जिसमें हाथ-पैर को गर्म पानी में डुबोना और सिर पर बर्फ की मालिश शामिल थी. दूसरे समूह को सिर्फ दवाएं दी गईं. 45 दिन बाद पाया गया कि हाइड्रोथेरेपी लेने वाले मरीजों में सिरदर्द की आवृत्ति और तीव्रता ज्यादा कम हुई. साथ ही हार्ट रेट वेरिएबिलिटी में सुधार देखा गया, जो नर्वस सिस्टम के बेहतर काम करने का संकेत है.

हाइड्रोथेरेपी के फायदे
यह थेरेपी सिर्फ माइग्रेन तक सीमित नहीं है. यह पुराने दर्द, जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, मांसपेशियों की जकड़न, गठिया और फाइब्रोमायल्जिया में भी राहत देती है. साथ ही तनाव और चिंता को कम करती है, क्योंकि गर्म पानी मांसपेशियों को ढीला करता है और तनाव हार्मोन घटाता है. इसके अलावा न्यूरोपैथी, COPD, अस्थमा, मोटापा और सर्जरी के बाद रिकवरी में भी यह उपयोगी है.

हाइड्रोथेरेपी शरीर से टॉक्सिन्स निकालने, रक्त वाहिकाओं को सक्रिय करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है. यह दवाओं के बजाय शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता पर भरोसा करती है. यह एक आसान, सुरक्षित और असरदार तरीका है, लेकिन इसे अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है, खासकर यदि कोई पुरानी या गंभीर बीमारी हो.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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