यूनुस के बांग्लादेश में ऐसा क्या हुआ कि अमेरिका भी आ गया टेंशन में? मच गया बवाल, दे दी चेतावनी

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बांग्लादेश में फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह के ऐलान के बाद अमेरिकी दूतावास ने पूरे देश के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. अमेरिका ने हिंसा की आशंका जताते हुए अपने नागरिकों को रैलियों और भीड़ से दूर रहने की सलाह दी है. यह चुनाव शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला आम चुनाव होगा.

बांग्लादेश में चुनाव आयोग की सुरक्षा में खड़े गार्ड.
बांग्लादेश में अगले साल होने वाले संसदीय चुनाव से पहले हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ने लगी है. बांग्लादेश में हिंसा देखी जा रही है. एक उम्मीदवार उस्मान हादी को सिर में गोली मार दी गई. घटना के बाद बांग्लादेश में चुनाव आयोग के एक दफ्तर को जला दिया गया. इन घटनाओं के बाद अमेरिका सबसे ज्यादा चिंतित है. अमेरिकी दूतावास ने पूरे बांग्लादेश के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को चुनावी माहौल के दौरान सतर्क रहने, भीड़ और राजनीतिक रैलियों से दूर रहने की सलाह दी गई है. यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह एक साथ कराए जाएंगे. यह पहली बार होगा जब देश में एक ही दिन दो बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास होंगे.

अमेरिका को क्यों सता रही है हिंसा की आशंका?

ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने एडवाइजरी में कहा है कि चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक रैलियां, विरोध-प्रदर्शन और जनसभाएं तेज हो सकती हैं, और भले ही ये शुरुआत में शांतिपूर्ण हों, लेकिन इनके हिंसक होने का खतरा बना रहेगा.

अमेरिका ने नागरिकों को क्या सलाह दी?

  • किसी भी तरह की राजनीतिक सभा या प्रदर्शन से दूर रहें.
  • बड़ी भीड़ में जाने से बचें.
  • स्थानीय मीडिया की खबरों पर नजर रखें.
  • अपने आसपास के हालात को लेकर सतर्क रहें.

शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद पहला चुनाव

बांग्लादेश में फरवरी 2026 का चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला आम चुनाव होगा. फिलहाल बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता संभाले हुए है.

चुनाव के साथ जुलाई चार्टर पर भी होगा फैसला

संसदीय चुनाव के साथ-साथ मतदाता एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में भी हिस्सा लेंगे. यह रेफरेंडम प्रस्तावित ‘जुलाई चार्टर’ पर होगा, जिसमें, कार्यपालिका की शक्तियों पर लगाम, न्यायपालिका को मजबूत करने और संस्थागत सुधारों जैसे बड़े बदलावों का प्रस्ताव शामिल है. इसे 2024 के राजनीतिक परिवर्तन के बाद राज्य सुधार की रीढ़ माना जा रहा है.

चुनाव कार्यक्रम क्या है?

मुख्य चुनाव आयुक्त AMM नासिर उद्दीन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बताया कि 29 दिसंबर 2025 तक नामांकन दाखिल होंगे, 22 जनवरी 2026 से चुनाव प्रचार शुरू होगा और मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार बंद होगा. चुनाव आयोग ने दावा किया है कि वह स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है. अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नागरिक ढाका स्थित दूतावास से संपर्क कर सकते हैं, लेकिन प्राथमिक सलाह यही है कि जहां राजनीतिक गतिविधि हो, वहां न जाएं.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

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यूनुस के बांग्लादेश में ऐसा क्या हुआ कि अमेरिका भी आ गया टेंशन में? मचा बवाल

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