प्योंगयांग: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग काफी सीक्रेट लाइफ जीते हैं और अपने देश से जुड़ी बातें भी सीक्रेट ही रखते हैं. यही वजह है कि दुनिया भर के ताकतवर देश भी उनसे खौफ खाते हैं. हाल ही में कनाडा में आयोजित हुए जी7 समिट में उत्तर कोरिया का नाम लिया गया. अपने देश का नाम सुनते ही किम जोंग उन जाग पड़े हैं और उन्होंने भयानक धमकी भेज डाली है. डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) ने किम जोंग की तरफ से एक तगड़ा स्टेटमेंट जारी किया है.
G7 में ऐसा क्या कहा गया?
Kim Jong Un की पार्टी ने दिया जवाब
शुक्रवार को आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने ये बयान छापा है. जिसमें विदेश मंत्री चो सोन हुई ने कहा है कि ‘बाहरी लोगों के बयानों से डीपीआरके की वर्तमान स्थिति नहीं बदलेगी’. उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक माहौल को काफी गंभीर बताते हुए कहा कि खतरनाक और शत्रु देशों को रोकने के लिए परमाणु ताकत बेहद जरूरी है.
विदेश मंत्री हुई ने जी7 को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विदेश मंत्री ने आगे कहा, ‘इस समूह को स्वतंत्र संप्रभु देशों को यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि उन्हें अपनी सुरक्षा कैसे करनी है’.
उन्होंने कहा, ‘डीपीआरके अपने देश और देशवासियों के वर्तमान और उज्जवल भविष्य की गारंटी देने में दृढ़ विश्वास रखता है. हमारी सोच है कि संविधान के प्रति वफादार रहते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय को साकार किया जाए’.
किसे दे डाली थी धमकी?
केसीएनए की ओर से इसे लेकर एक धमकी भरा बयान भी जारी किया गया था. डीपीआरके के रक्षा मंत्री नो क्वांग चोल ने तल्ख अंदाज में कहा था कि ‘डीपीआरके जवाब में और अधिक आक्रामक कार्रवाई करेगा’. इस बयान में, दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना के संयुक्त अभ्यास का जिक्र भी किया गया. संयुक्त फ्रीडम फ्लैग हवाई अभ्यास के बीच, परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत जॉर्ज वाशिंगटन के नेतृत्व में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को प्रायद्वीप में भेजने के लिए वाशिंगटन की कड़ी आलोचना की गई और कहा गया कि इस कदम से तनाव और बढ़ गया है.
बयान में आगे कहा गया कि अमेरिकी रक्षा सचिव और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष ने डीपीआरके की दक्षिणी सीमा के पास के क्षेत्र का दौरा किया और इतना ही नहीं डीपीआरके के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और परमाणु बलों को पारंपरिक बलों के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक वार्षिक सुरक्षा बैठक भी की.
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