रोज सुबह आलू पराठा खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है? जानिए ये हेल्थ फैक्ट जो आपकी सोच बदल देंगे

Aloo Paratha Side Effects: सुबह के नाश्ते में गरमागरम आलू परांठा मिल जाए तो दिन की शुरुआत ही मजेदार हो जाती है. बाहर से हल्का क्रिस्पी, अंदर से सॉफ्ट और मसालेदार आलू की फिलिंग…ऊपर से दही या मक्खन की एक छोटी सी डॉलप… मतलब पूरा कंफर्ट ब्रेकफास्ट. हमारे यहां ज्यादातर लोग इसे बचपन की यादों, वीकेंड के नाश्ते और फैमिली मूड से भी जोड़ते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर यही आलू परांठा आप रोज सुबह खाने लगें, तो ये आपके शरीर पर किस तरह का प्रभाव डालता है? क्या ये हेल्दी है? क्या इससे वजन बढ़ता है? क्या डायबिटीज या हार्ट पर असर पड़ता है? आजकल हेल्थ और वर्क लाइफ बैलेंस वाले दौर में ये सवाल बेहद ट्रेंडिंग हो गए हैं. इसलिए यहां हम आसान भाषा में समझेंगे कि रोजाना आलू परांठा खाने का शरीर पर क्या असर होता है, और इसे कैसे बैलेंस करके हेल्दी बनाया जा सकता है.

शॉर्ट टर्म एनर्जी बूस्ट, लेकिन लॉन्ग टर्म में रिस्क बढ़ सकता है
आलू परांठा कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, इसलिए इसे खाने के बाद तुरंत एनर्जी मिलती है. नाश्ते में खाने पर कुछ घंटों तक पेट भी भरा हुआ लगता है और भूख कम लगती है. लेकिन अगर ये रोज की आदत बन जाए, तो कहानी थोड़ी बदल जाती है. लगातार हाई कार्ब वाला नाश्ता ब्लड शुगर को तेज़ी से बढ़ाता है. इससे शरीर को एनर्जी जरूर मिलती है, लेकिन ये एनर्जी जल्दी क्रैश भी हो जाती है, जिससे थोड़ी देर बाद थकान और दोबारा भूख लगना जैसे लक्षण दिखते हैं.

लॉन्ग टर्म में रोजाना आलू परांठा खाने से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इसमें तेल, घी या मक्खन की मात्रा काफी होती है. ज्यादा दिनों तक जब शरीर को हाई कैलोरी और हाई फैट मीट मिलता है, तो फैट स्टोर होना शुरू हो जाता है. कई न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजाना आलू परांठा खाने से टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा और हार्ट हेल्थ से जुड़े रिस्क भी बढ़ सकते हैं.

बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल में नुकसान ज्यादा
आजकल बहुत लोग वर्क फ्रॉम होम करते हैं या ज्यादा चलते नहीं हैं. ऐसे लोग अगर रोज आलू परांठा खाते हैं, तो शरीर उस एनर्जी को यूज नहीं कर पाता और वो फैट में बदलने लगती है. हाई कार्ब ब्रेकफास्ट से ब्लड शुगर लेवल जल्दी स्पाइक होता है, और अगर फिजिकल एक्टिविटी कम हो तो मेटाबोलिज्म भी धीरे काम करने लगता है. इससे शरीर की कैपेसिटी और कम हो जाती है और वजन तेजी से बढ़ने का खतरा हो जाता है.

रोज सुबह इसे खाने से एनर्जी थोड़ी देर के लिए तो मिलती है, लेकिन कुछ ही घंटों में सुस्ती, क्रेविंग और लो एनर्जी फील होने लगता है. ये पैटर्न महीनों तक चले तो इंसुलिन रेसिस्टेंस और हार्ट प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ सकता है.

आलू परांठा कैसे खा रहे हैं, ये भी तय करता है असर
साइड में क्या खा रहे हैं, ये उतना ही जरूरी है जितना परांठा खुद. दही, सलाद, अचार या सब्जियों के साथ खाने पर ये डाइजेशन स्लो करता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है. दही में प्रोटीन होता है और सब्जियों में फाइबर, जो इस हेवी ब्रेकफास्ट को बैलेंस कर देता है.

लेकिन अगर आप इसके साथ बटर, तेल या चीनी वाली चाय लेते हैं, तो कैलोरी और फैट डबल हो जाते हैं. कई लोग परांठे पर ऊपर से एक चम्मच घी और लगा लेते हैं, जो टोटल कैलोरी को काफी बढ़ा देता है. इसके बजाय आप मल्टीग्रेन आटा, कम तेल और हल्की फिलिंग वाले परांठे बनाएं तो ये थोड़ा हेल्दी हो सकता है.

किसे रोज सुबह आलू परांठा नहीं खाना चाहिए?
डायबिटीज वाले लोगों को रोज आलू परांठा बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, क्योंकि आलू हाई कार्ब फूड है और ब्लड शुगर को फौरन बढ़ाता है. इसी तरह जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल हाई रहता है या हार्ट प्रॉब्लम है, उन्हें भी रोज परांठा खाने से बचना चाहिए. जिन लोगों को अकसर गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग रहती है, वो भी इसका रोज सेवन करें तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं.

कितनी बार खाना सही है?
हेल्दी लोगों के लिए हफ्ते में 1 या 2 बार आलू परांठा खाना बिल्कुल ठीक है, बशर्ते कि ये कम तेल में बना हो और दही, सलाद या सब्जियों के साथ खाया जाए. दिन की शुरुआत हमेशा हल्के और बैलेंस्ड नाश्ते से होनी चाहिए. रोजाना हेवी और हाई कार्ब ब्रेकफास्ट शरीर को धीरे-धीरे थका देता है.

आलू परांठा छोड़ना जरूरी नहीं, बस बैलेंस जरूरी है

  • अगर आपको आलू परांठा बहुत पसंद है, तो चिंता की बात नहीं है. इसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है. बस कुछ हेल्दी ट्विस्ट कर दें:
  • इसमें कम तेल का इस्तेमाल करें
  • मल्टीग्रेन या गेहूं के आटे का उपयोग करें
  • फिलिंग में उबले आलू के साथ थोड़ी गाजर, मटर या पनीर मिलाएं
  • साथ में दही या सलाद जरूर खाएं
  • चाय या शक्कर वाली ड्रिंक से बचें
  • इस तरह आप अपने फेवरेट परांठे को लंबे समय तक एन्जॉय भी कर सकते हैं और अपनी हेल्थ को भी बैलेंस रख सकते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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