Winter Fever Warning: ठंड के मौसम में हमारे शरीर के लिए कई खतरे पैदा हो जाते हैं. इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से सर्दियों में वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शंस का अटैक बढ़ जाता है. बड़ी संख्या में लोग इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की चपेट में आ जाते हैं. जब किसी व्यक्ति को बुखार आता है, तो अक्सर इसकी वजह सर्दी को मान लिया जाता है. हालांकि सर्दी के अलावा भी कई वजहों से बुखार आ सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई मरीज इस मौसम में मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड का शिकार हो जाते हैं, जिसका जल्द से जल्द इलाज कराना जरूरी होता है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि ठंड के दिनों में हमारी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है, जिससे शरीर आसानी से इंफेक्शन की चपेट में आ जाता है. अगर किसी व्यक्ति को बार-बार बुखार हो रहा है, तो यह किसी अंदरूनी समस्या या संक्रमण का संकेत हो सकता है. ऐसे में समय पर कारण जानना और सही जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है. सर्दियों में बार-बार बुखार आने की सबसे बड़ी वजह वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकते हैं. इसके अलावा गले का संक्रमण, साइनस, निमोनिया या यूरिन इंफेक्शन भी बुखार का कारण बन सकते हैं. कई बार संक्रमण पूरी तरह ठीक न होने पर बुखार बार-बार लौट आता है.
डेंगू और मलेरिया का भी हो सकता है संकेत
डॉक्टर ने बताया कि सर्दियों में लोग अक्सर डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में भी आप इन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. डेंगू और मलेरिया होने पर बार-बार बुखार आता है और इसके साथ शरीर दर्द, कमजोरी और थकान महसूस होती है. मलेरिया के मामलों में बुखार के साथ तेज कंपकंपाहट भी होती है. जबकि टाइफाइड में लंबे समय तक हल्का या तेज बुखार बना रह सकता है. इसलिए मौसम के आधार पर बीमारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
डॉक्टर से मिलकर कराएं ये 4 टेस्ट
डॉक्टर की सलाह है कि अगर किसी व्यक्ति को 3-4 दिन या इससे ज्यादा दिनों तक रोज बुखार आ रहा है, तो कुछ ब्लड टेस्ट जरूर कराने चाहिए. कंप्लीट ब्लड काउंट यानी सीबीसी टेस्ट सबसे जरूरी होता है. इसमें हीमोग्लोबिन, ब्लड इंफेक्शन से लेकर प्लेटलेट काउंट तक तमाम चीजों का पता चल जाता है. इसके अलावा ठंड के साथ बुखार आ रहा हो, तो सीबीसी के साथ मलेरिया और डेंगू का टेस्ट भी जरूर कराएं. अगर पेशाब में जलन हो रही हो, तो पेशाब की जांच कराएं, क्योंकि यह बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है. अगर बुखार लगातार आ रहा हो, तो टाइफाइड का टेस्ट भी कराना न भूलें. आजकल देश में कई जगहों पर टाइफाइड के मरीज मिल रहे हैं, जिसकी वजह से इसे नजरअंदाज न करें.
बुखार को लेकर न करें लापरवाही
अगर किसी को बार-बार बुखार आ रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें. 3-4 दिनों तक बुखार से राहत न मिले, तो डॉक्टर से मिलकर जरूरी ब्लड टेस्ट कराएं. ब्लड टेस्ट समय पर कराने से बीमारी की सही वजह पता चलती है और इलाज आसान हो जाता है. खुद से दवा लेने या बुखार को नजरअंदाज करने से स्थिति बिगड़ सकती है. इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा आराम करें, रोज 7-8 गिलास गुनगुना पानी पिएं और हल्की व पौष्टिक चीजों का सेवन करें. इसके अलावा समय-समय पर अपना टेंपरेचर चेक करें और कंडीशन बिगड़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.