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Best Desi Grains for Weight Loss in Winter: रोटी छोड़े बिना भी वजन कम किया जा सकता है. गेहूं की जगह रागी, बाजरा, ज्वार और जौ जैसे देसी अनाज खाने से मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है और भूख नियंत्रित रहती है. ये अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण वजन घटाने की प्रक्रिया तेज करते हैं.
अगर आप तेज़ी से वज़न कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी रोटी बंद करने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि अपने आटे यानी अनाज को बदलने की ज़रूरत है. आमतौर पर लोग वज़न घटाने के लिए खाना कम कर देते हैं, लेकिन सही अनाज चुना जाए तो वज़न कम करना आसान हो सकता है. रागी, बाजरा, ज्वार और जौ जैसे देसी अनाज शरीर को ज़्यादा समय तक भरा रखते हैं और भूख को नियंत्रित करते हैं. ये अनाज पारंपरिक गेहूं की तुलना में बेहतर पोषण और फ़ाइबर प्रदान करते हैं.

रागी को आज सुपरफूड की श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि इसमें फ़ाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. रागी की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बीच-बीच में स्नैक्स खाने की आदत कम होती है और कैलोरी का सेवन नियंत्रित रहता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद प्राकृतिक कैल्शियम हड्डियों को मज़बूत बनाता है, जो ख़ासकर महिलाओं के लिए बेहद फ़ायदेमंद माना जाता है. कई पोषण विशेषज्ञ इसे वज़न घटाने की डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह पाचन को भी मज़बूत बनाता है और ऊर्जा का स्तर संतुलित रखता है.

सर्दियों में बाजरे की रोटी का अपना ही स्वाद और फ़ायदा है. बाजरा शरीर को प्राकृतिक गर्मी देता है और ठंड के मौसम में एनर्जी लेवल को बनाए रखता है. इसमें पाए जाने वाले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता. इसी वजह से यह डायबिटीज़ और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है. बाजरे की रोटी फ़ाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन तंत्र को मज़बूत करती है और वज़न नियंत्रण में मदद करती है.
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जिन लोगों को गेहूँ की रोटी खाने के बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है, उनके लिए ज्वार एक बेहतरीन विकल्प है. ज्वार ग्लूटेन-फ्री होने के कारण आसानी से पच जाता है और पेट पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालता. यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त फैट तेज़ी से बर्न होता है. ज्वार की रोटी खाने से लंबे समय तक हल्कापन महसूस होता है और भूख नियंत्रित रहती है. कई डाइटिशियन वज़न कम करने वालों के लिए ज्वार को प्राथमिक अनाज बताते हैं क्योंकि इसमें कई आवश्यक मिनरल भी मौजूद रहते हैं.

वज़न घटाने में जौ को सबसे प्रभावी अनाज माना जाता है क्योंकि यह शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे सूजन कम होती है. जौ फ़ाइबर से भरपूर होता है और कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित रखने में भी अहम भूमिका निभाता है. नियमित रूप से जौ की रोटी खाने से पेट की चर्बी कम होने में तेज़ी आती है क्योंकि यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है. यही वजह है कि वज़न कम करने वालों की डाइट में जौ को ख़ास स्थान दिया जाता है. इसकी रोटी हल्की होती है और शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती.

अगर आप तुरंत गेहूँ छोड़ना नहीं चाहते, तो शुरुआत चने के आटे, जौ या ज्वार को गेहूँ में मिलाकर रोटियाँ बनाने से कर सकते हैं. चने का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे मांसपेशियों की मज़बूती बढ़ती है और फैट तेज़ी से कम होता है. इस मिश्रण से बनी ‘मस्सी रोटी’ स्वाद में भी लाजवाब होती है और लंबे समय तक भूख नियंत्रित रखती है. धीरे-धीरे गेहूँ की मात्रा कम कर अलग-अलग देसी अनाज को शामिल करने से वज़न प्राकृतिक रूप से घटने लगता है. बस थोड़े-से बदलाव से स्वास्थ्य में सकारात्मक असर तुरंत दिखाई देने लगता है और ऊर्जा स्तर भी बेहतर होता है.