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मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ समय से भारी बारिश दर्ज की गई है. कई जगह आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई. लगातार बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौजूदा सिस्टम 21 मार्च तक असर दिखाएगा। इसके बाद 22 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, लेकिन इसका असर कमजोर रहने की संभावना है.
मध्य प्रदेश में बारिश का अलर्ट
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है. मार्च के शुरुआती महीनों में तेज गर्मी के बाद बारिश ने अपना काम करना शुरू कर दिया है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक हल्की बारिश हो रही है. रीवा-सिंगरौली बेल्ट समेत 14 जिलों में अभी भी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है
मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर इस समय जारी है. एमपी के 21 जिलों में बारिश हुई है और 14 जिलों में ओले गिरे हैं. ओलावृष्टि की वजह से बारिश से गेहूं, चना और सरसों की फसल में नुकसान हुआ है.
MP के 26 जिलों में बारिश के आसार
इसके अलावा कई जिलों में सब्जी की फसल भी प्रभावित हुई है. शुक्रवार को दिन का तापमान 4.8 डिग्री गिरकर 29.4 डिग्री पर पहुंचा गया है. आज भी भोपाल, विदिशा, रायसेन सहित एमपी के 26 जिलों में बारिश के आसार नजर आ रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 26 मार्च तक बारिश का अनुमान जताया जा रहा है.
ग्वालियर में भी हैरान करने वाला मौसम
इसके अलावा ग्वालियर में भी मौसम हैरान करने वाला रहा है. कोहरे की आगोश में अंचल में हैरान करने वाला मौसम है. बीती रात बारिश के बाद मौसम में भारी बदलाव आया है. बारिश के बाद से ही सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है. सुबह की विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हुई है. इसके अलावा दिन का तापमान 10 डिग्री लुढ़कर कर 23 डिग्री पर आ गया है. 16 घंटे में लगभग 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
टीकमगढ़-मोहनगढ़ में गिरे ओले
टीकमगढ़-मोहनगढ़ में तेज हवा के साथ ओले गिरे हैं. ओलावृष्टि से खेतों में सफेद चादर बिछ गई है. मौसम में अचानक बदलाव आया है. किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है. खेत में खड़ी और कटी फसलों को नुकसान हुआ. किसानों के लिए बारिश आफत बन गई है.
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