Vastu Niyam: हिन्दू धर्म में शास्त्रों को विशेष महत्व दिया गया है. कई बार इंसान के जीवन में ऐसा समय आता है, जब वह व्यक्ति बुरी तरह परेशान हो जाता है. वो मुश्किल समय व्यक्ति को कमजोर कर देता है. उस समय इंसान बस यही सोचता है कि कब ये बुरा वक्त खत्म होगा और जीवन में खुशियां और शांति आएगी, लेकिन बुरा समय आने के कारण बहुत बार वास्तु दोष भी होता है.
अक्सर देखा जाता है लोग अनजाने में घर के उन क्षेत्रों में भी जूते-चप्पल के साथ प्रवेश कर जाते हैं, जहां ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता. इसके कारण घर की ऊर्जा असंतुलित हो सकती है और वास्तु संबंधी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. ऐसे में उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि घर के किन स्थानों मे जुते-चप्पल पहनकर भूल से भी नहीं जाना चाहिए.
भूल से भी ना पहने इन स्थानों पर चप्पल
घर में रसोई का स्थान बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि यहीं परिवार का भोजन तैयार होता है और इसे देवी अन्नपूर्णा का क्षेत्र कहा गया है. इसलिए रसोई में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करना अनुचित माना जाता है. ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में आर्थिक रुकावटें आने लगती हैं.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मंदिर भी अत्यंत पावन स्थल कहा गया है. मान्यताओं के अनुसार, मंदिर क्षेत्र में चप्पल पहनकर जाना अशिष्ट माना जाता है और इससे शुभ ऊर्जा बाधित होती है. इसका असर परिवार की शांति, संबंधों और आर्थिक हालात पर भी देखा जा सकता है. इसलिए पूजा स्थान पर हमेशा नंगे पैर ही जाएं.
भंडार कक्ष, जहां भोजन सामग्री रखी जाती है, उसे भी पवित्र स्थान माना गया है. यहां जूते-चप्पल पहनकर जाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे अन्न की बरकत कम होती है. भंडार घर में स्वच्छता और शुद्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण है.
घर में जहां तिजोरी रखी होती है, उसे धन का स्थान माना जाता है. मान्यता है कि इस स्थान पर जूते-चप्पल पहनकर जाना या तिजोरी खोलना अशुभ प्रभाव ला सकता है. इसलिए तिजोरी के पास हमेशा साफ और सम्मानजनक व्यवहार रखना चाहिए ताकि धन की ऊर्जा स्थिर बनी रहे.
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