Last Updated:
भारत और रूस की दोस्ती और भी तगड़ी हो गई है. रूस की सरकारी रक्षा कंपनी रोस्टेक की तरफ से सीईओ सर्गेई चेमोजोव ने कुछ ऐसा कह डाला है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया की आखें फटी रह गई हैं. उन्होंने बताया है कि रूस और भारत के बीच भविष्य की प्लानिंग किस तरह चल रही है.
मॉस्को: भारत और रूस के रिश्ते पूरी दुनिया के लिए दोस्ती की मिसाल हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चमकी भारत की S-400 मिसाइल रूस की ही देन है. जिसने पाकिस्तान को ऐतिहासिक मार दी थी. भारत और रूस के बीच रक्षा और सैन्य-तकनीकी सहयोग, आर्थिक और व्यापारिक संबंध, अंतरिक्ष सहयोग से लेकर रणनीतिक साझेदारी है. हाल ही में इस दोस्ती में रूस की सरकारी रक्षा कंपनी रोस्टेक ने चार चांद लगा दिए हैं. रूस के रोस्टेक राज्य निगम के सीईओ सर्गेई चेमोजोव ने कुछ ऐसा कहा है, जो भारत के लिए किसी खजाना खोलने से कम नहीं है.
S-400 या Su-57 पर क्या हुई बातचीत?
सर्गेई चेमोजोव ने दुनिया के सामने ऐलान कर दिया है कि रूस, भारत को उसकी आवश्यकतानुसार किसी भी रक्षा क्षमताओं में सहयोग करने के लिए तैयार है. उन्होंने दुबई एयर शो 2025 के मौके पर इस सवाल का जवाब दिया कि क्या भारत के साथ S-400 या Su-57 को लेकर किसी तरह की कोई बात हुई है?
उन्होंने कहा कि ‘भारत के साथ हमारे संबंध मजबूत हैं और भारत को जो कुछ भी चाहिए, हम समर्थन देने के लिए तैयार हैं’. रोस्टेक के सीईओ ने कहा कि भू-राजनीतिक बाधाओं के बावजूद, उन्होंने भारत को आवश्यक सैन्य उपकरणों की आपूर्ति जारी रखी है.
‘मुश्किल वक्त में भारत के साथ निभाई दोस्ती’
सर्गेई ने आगे बताया कि ‘भारत और रूस कई वर्षों से भागीदार रहे हैं. जब भारत पर प्रतिबंध थे, तब भी हमने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश को हथियार सप्लाई किए थे. आज भी हमारी नितियों में कोई बदलाव नहीं आया है. हम भारत को उसकी जरूरत के सैन्य उपकरण की आपूर्ति कर रहे हैं और सहयोग विकसित करने में अपने आपसी हितों को सुनिश्चित भी किया जा रहा है’.
अधिकारी ने आगे कहा कि रूस और यूएसी (UAC) भारत को रूस में निर्मित Su-57 की पेशकश कर रहे हैं, साथ ही उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से भारत में स्थानांतरित करने का मार्ग भी प्रदान कर रहे हैं. इसके तहत, रोसोबोरोनएक्सपोर्ट ‘प्रौद्योगिकी हस्तांतरण’ और ‘कुछ पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों का तकनीकी ज्ञान’ भी शेयर किया जाएगा, जिसमें इंजन, ऑप्टिक्स, एईएसए रडार, एआई तत्व, लो सिग्नेचर तकनीकें और आधुनिक हवाई हथियार शामिल हैं.
.