सतना के पंडित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में पानी की खराब व्यवस्था को लेकर छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि हॉस्टल में पानी की सप्लाई अक्सर बंद रहती है और पीने के लिए उपलब्ध पानी का TDS स्तर 1100 त
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छात्रों ने किया प्रदर्शन छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर गर्ग से मिला और अपनी समस्याएं बताईं। डीन ने निर्माण एजेंसी पीआईयू की लापरवाही का जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि पाइपलाइन की मरम्मत जल्द की जाएगी। उनकी समझाइश के बाद छात्र कक्षाओं में लौट गए, लेकिन सवाल यह बना रहा कि 250 करोड़ रुपये की लागत से बना मेडिकल कॉलेज परिसर तीन साल में ही कई खामियों का सामना क्यों कर रहा है।
महीने में 4 से पांच बार फटती है पाइपलाइन कॉलेज मपरिसर, हॉस्टल और पानी की सप्लाई लाइन का निर्माण जेपी इंफ्रा कंपनी ने पीडब्ल्यूडी की पीआईयू देखरेख में किया था। छात्रों के अनुसार, पाइपलाइन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह महीने में चार-पांच बार फट जाती है। इसके अलावा, क्लीनिकल प्रैक्टिकल के लिए जिला अस्पताल आने-जाने के लिए छात्रों को कोई वाहन सुविधा नहीं मिलती, जिससे उन्हें रोजाना डेढ़ से दो घंटे यात्रा करनी पड़ती है।
निर्माण के बाद तीन वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी जेपी इंफ्रा कंपनी की थी, जो सितंबर 2025 में समाप्त हो गई। इस अवधि के बाद कंपनी की लगभग सात करोड़ रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जारी कर दी गई। डीन ने कहा कि छात्र पानी न मिलने की शिकायत लेकर आए थे और पीआईयू को पाइपलाइन ठीक कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। BIS के अनुसार पीने के पानी का आदर्श TDS 500 mg/L से कम होना चाहिए, जबकि 1000 mg/L से अधिक TDS वाला पानी पीने योग्य नहीं माना जाता।