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Sugarcane Crop Management: बरसात में गन्ने के खेत में जलजमाव होने से फसलें सड़ने लगती हैं और नष्ट हो जाती हैं. ऐसे में किसानों को इसका प्रबंधन जल्द से जल्द करना चाहिए. हम आज आपको इनके प्रबंधन पर कुछ विस्तृत जान…और पढ़ें
जल जमाव का प्रबंधन
इन रसायनों का करें प्रयोग
डॉ. सतीश के अनुसार, जितनी नाइट्रोजन आप सामान्यतः डालते हैं, उसका 20 फीसदी हिस्सा और 30 किलो पोटाश का उपयोग करें. इसके अलावा, प्रति हेक्टेयर 25 किलो सल्फर भी उपयोग में लाना है. दरअसल, सल्फर पौधे को ताकत देगा और खराब हो चुकी स्थिति को बेहतर करेगा. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जलजमाव वाले खेतों में फास्फोरस पहले से ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है, इसलिए इसे अलग से डालने की जरूरत नहीं है.
इस रसायन के छिड़काव से पौधों को मिलेगी ऊर्जा
पौधे को तुरंत ऊर्जा देने के लिए आप पत्तियों पर कुछ खास रसायनों के घोल का छिड़काव कर सकते हैं. इसके लिए 3 किलो यूरिया के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों का मिश्रण 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें. ध्यान रहे कि पानी भरने से गन्ने में रेड राट जैसी फफूंद वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचाव के लिए आप ट्राइकोडर्मा हार्ज़ियनम को 15-15 दिन के अंतराल पर दो बार मिट्टी में या सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग में ला सकते हैं. यह फंगस को रोकेगा और मिट्टी की सेहत में सुधार लाएगा.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें
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