Vitamin D deficiency: विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए खाते हैं सप्लीमेंट्स, तो जान लें ओवरडोज लेने के खतरे

Vitamin D overusing supplements Side effects: विटामिन डी शरीर के लिए काफी आवश्यक पोषक तत्व है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी होता है. शरीर में विटामिन डी की कमी होने से न सिर्फ हड्डियां कमजोर होती हैं, बल्कि कई तरह की अन्य समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं. विटामिन D प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वास्तव में, विटामिन D की कमी का संबंध COVID-19 संक्रमण की गंभीर स्थिति से जोड़ा गया है. विटामिन डी की कमी सबसे अधिक गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, मोटापे से ग्रस्त लोगों और डार्क स्किन वाले व्यक्तियों और उन लोगों में होता है, जो बिल्कुल भी धूप में नहीं रहते हैं.

कैसे होती है विटामिन डी की पूर्ति
इंडियनएक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार, विटामिन D का मुख्य सोर्स है धूप. साथ ही त्वचा में कोलेस्ट्रॉल से संश्लेषण (सिंथेसिस) के माध्यम से भी इसकी पूर्ति कर सकते हैं, बशर्ते कि उन्हें पर्याप्त धूप का संपर्क मिले. धूप के अलावा कुछ फूड्स और सप्लीमेंट्स के सेवन से विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है. ऑयली फिश, फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, फोर्टिफाइड वेजिटेबल ड्रिंक्स भी इस विटामिन की कमी को दूर करते हैं.

विटामिन डी सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन है खतरनाक
-जब आप भोजन के जरिए विटामिन डी प्राप्त करते हैं तो इससे कोई समस्या नहीं होती है. लेकिन, कुछ लोग विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन बिना सोचे-समझे करने लगते हैं, जो कई बार साइड एफेक्ट्स भी देता है. ये सप्लीमेंट्स क्रॉनिक टॉक्सिसिटी का कारण बन सकते हैं. सप्लीमेंट के अधिक सेवन से हाइपरविटामिनोसिस ( hypervitaminosis) की समस्या हो सकती है.

-हाइपरविटामिनोसिस डी का सबसे आम लक्षण हाइपरकैल्सीमिया (hypercalcaemia) है. इसकी विशेषता जठरांत्र संबंधी लक्षणों से होती है, जैसे भूख न लगना, मतली, उल्टी, कब्ज, कमजोरी और थकान. सबसे गंभीर मामलों में यह पॉलीयूरिया (अत्यधिक मूत्र का उत्पादन), पॉलीडिप्सिया (प्यास में असामान्य वृद्धि), किडनी फेल, एक्टोपिक कैल्सीफिकेशन (सामान्य क्षेत्रों के बाहर कैल्शियम का जमाव), डिप्रेशन, भ्रम, हड्डियों में दर्द, फ्रैक्चर और किडनी स्टोन का कारण बन सकता है.

-सप्लीमेंट्स के अत्यधिक सेवन के कारण हाल के वर्षों में विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) के मामले काफी बढ़ गए हैं. अमेरिका के नेशनल टॉक्सिकोलॉजी डेटा सिस्टम की 2016 की एक रिपोर्ट बताती है कि विटामिन डी के इस अत्यधिक सेवन ने हाइपरविटामिनोसिस के मामलों में तेज बढ़ोतरी की है.

– बेहतर है कि आप नेचुरल तरीके से शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर करें. हेल्दी फूड्स का सेवन करें, जिसमें विटामिन डी भरपूर हो. प्रत्येक दिन सुबह के समय 10-15 मिनट धूप सेकें. सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन आपको भारी नुकसान भी पहुंचा सकता है.

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