Viral fever: वायरल बुखार का कहर, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या, आपको दिखे ये लक्षण तो तुरंत ले डॉक्टर की सलाह

Last Updated:

Viral fever News: सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि ज्यादातर मरीज वायरल संक्रमण से ग्रसित हैं. इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

वायरल बुखार संक्रमित
कैमूर. जिले में वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. इसका असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों और शिशुओं पर देखा जा रहा है. हालात को देखते हुए भभुआ सदर अस्पताल में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष वार्ड तैयार किया गया है. स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं और बेड की व्यवस्था की जा रही है.

सदर अस्पताल के एसएनसीयू (शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में 16 बच्चों के भर्ती होने की क्षमता है, लेकिन इन दिनों यहां लगातार मरीज बढ़ रहे हैं. गहन इलाज और देखभाल की व्यवस्था के बावजूद जगह कम पड़ने लगी है. वहीं पीडियाट्रिक वार्ड में भी दो दर्जन से अधिक बच्चे भर्ती हैं, जिनमें ज्यादातर मौसमी वायरल बुखार से ग्रसित हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, न सिर्फ बच्चे बल्कि बुजुर्ग और युवा भी इस मौसमी बुखार की चपेट में आ रहे हैं. जिले के सभी प्रखंडों से तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें मिल रही हैं.

लक्षणों की पहचान जरूरी
एसएनसीयू के वरीय शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन नारायण ने बताया कि बच्चों में तेज बुखार, शरीर में सुस्ती, सांस लेने में परेशानी या बहुत तेज सांस चलना, लगातार सर्दी का बना रहना, सांस लेने पर आवाज आना, गले में दर्द और मुंह में छाले वायरल बुखार के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण नजर आते ही तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहद जरूरी है.

डॉ. नारायण ने बताया कि यदि बच्चे को कम समय में पांच-छह बार दस्त या उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. घर पर ओआरएस का घोल और पर्याप्त तरल पदार्थ दिया जा सकता है, लेकिन यदि इससे फायदा न हो तो लापरवाही न करें. बच्चा सुस्त रहे, आंखें न खोले या पेट की चमड़ी ढीली हो जाए तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत है, जिस पर तत्काल इलाज की जरूरत होती है.

इलाज और प्रबंधन की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों में किसी भी प्रकार की बुखार संबंधी जटिलताओं के लक्षण को समय पर पहचान कर उचित प्रबंधन करने से उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है. सदर अस्पताल में विशेष वार्ड बनाकर बच्चों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए नेबुलाइजेशन कक्ष की भी व्यवस्था की गई है.

बचाव के उपाय
सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि ज्यादातर मरीज वायरल संक्रमण से ग्रसित हैं. उन्होंने बताया कि साफ-सफाई और एहतियात बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है. सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोग मास्क का प्रयोग करें, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले. उन्होंने लोगों से अपील की है कि बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

Mohd Majid

with more than 4 years of experience in journalism. It has been 1 year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am covering hyperlocal news f…और पढ़ें

with more than 4 years of experience in journalism. It has been 1 year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am covering hyperlocal news f… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

Viral fever: वायरल बुखार का कहर, आपको दिखे ये लक्षण तो तुरंत ले डॉक्टर की सलाह

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *