Viparita Karani Mudra :थायरॉयड और कब्ज से पाना है छुटकारा? बस 10 मिनट करें यह योग मुद्रा, बालों तक के लिए है वरदान

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Viparita Karani Mudra Health Benefits: आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में हम अक्सर खुद को “बर्नआउट” महसूस करते हैं. कभी ऑफिस का स्ट्रेस, तो कभी गलत खान-पान के कारण पेट की समस्याएं—सब कुछ जैसे एक साथ ही आ जाता है. ऐसे में हम अक्सर महंगे सप्लीमेंट्स या जिम की ओर भागते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी दीवार के सहारे सिर्फ 10 मिनट लेटना आपकी पूरी हेल्थ को रीसेट कर सकता है? हम बात कर रहे हैं ‘विपरीतकरणी मुद्रा’ (Legs-Up-The-Wall Pose) की, जो इन दिनों फिटनेस लवर्स के बीच काफी ट्रेंड कर रही है.

Legs-Up-The-Wall Pose : योग सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल है जो भारत की प्राचीन विरासत है. विपरीतकरणी मुद्रा(Viparita Karani Mudra) एक ऐसा ही योगाभ्‍यास है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बीच का परफेक्ट बैलेंस बनाता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो यह मुद्रा शरीर की ‘प्राण ऊर्जा’ को रिसाइकिल करने जैसा है. इसे करना जितना आसान है, इसके नतीजे उतने ही हैरान कर देने वाले हैं. अगर आप जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते, तो यह एक योग मुद्रा ही आपके लिए काफी है.

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के मुताबिक, इस मुद्रा को करने का तरीका बहुत आसान है. आपको बस अपनी पीठ के बल लेटना है और अपने पैरों को दीवार के सहारे ऊपर की ओर सीधा करना है. इसे शरीर की ‘इनवर्टेड’ स्थिति कहा जाता है. विज्ञान की भाषा में समझें तो यह गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को उल्टा कर देता है, जिससे पैरों में जमा हुआ खून वापस शरीर के मुख्य अंगों और दिमाग की तरफ बहने लगता है, जो तुरंत रिलैक्सेशन देता है.

अगर आप उन लोगों में से हैं जो डेस्क जॉब के कारण ‘ब्लोटिंग’ या खराब पाचन से परेशान रहते हैं, तो यह मुद्रा आपके लिए गेम-चेंजर है. जब आप इस स्थिति में होते हैं, तो आपके पेट के आंतरिक अंगों की एक नेचुरल मसाज होती है. इससे पाचन तंत्र एक्टिव हो जाता है और खाना आसानी से पचने लगता है. फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स इसे ‘डिटॉक्स पोज’ भी कहते हैं क्योंकि यह आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाकर कब्ज जैसी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करता है.

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मेंटल हेल्थ के मामले में भी यह मुद्रा किसी थेरेपी से कम नहीं है. दिन भर स्क्रीन के सामने बैठने के बाद हमारा दिमाग थक जाता है. विपरीतकरणी मुद्रा करने से माइंड में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे मानसिक सतर्कता (Alertness) आती है. यह मुद्रा आपके ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड को शांत करके ‘रेस्ट और डाइजेस्ट’ मोड को एक्टिव करती है. परिणाम? कम तनाव, कम चिंता और एक गहरी, सुकून भरी नींद—जो आजकल की सबसे बड़ी जरूरत है.

क्या आप जानते हैं कि यह योग मुद्रा आपकी ब्यूटी रूटीन का हिस्सा भी हो सकती है? जब चेहरे और सिर की ओर रक्त का प्रवाह बढ़ता है, तो आपकी स्किन को एक्स्ट्रा पोषण मिलता है, जिससे चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो आता है. इतना ही नहीं, स्कैल्प में बेहतर ब्लड फ्लो होने के कारण बालों का झड़ना कम होता है और वे शाइनी बनते हैं. यानी बिना किसी महंगे कॉस्मेटिक के, आप सिर्फ 10 मिनट में ‘ग्लो-अप’ कर सकते हैं.

थायरॉयड की समस्या आज हर दूसरे घर में है, लेकिन यह योग मुद्रा इसे कंट्रोल करने में काफी मददगार है. इस अभ्यास के दौरान गर्दन के हिस्से में रक्त का दबाव बढ़ता है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि स्टिमुलेट होती है. यह हार्मोनल बैलेंस बनाने में मदद करता है, जो विशेष रूप से हाइपोथायरॉयडिज्म से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करने का एक नेचुरल और प्रभावी तरीका है.

अंत में, सबसे अच्छी बात यह है कि इसे शुरू करना बहुत आसान है. बस दिन के 5 से 10 मिनट निकालें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं. हालांकि, फिटनेस के इस ट्रेंड को फॉलो करते समय सावधानी भी जरूरी है.

अगर आप प्रेग्नेंट हैं, या आपको हाई ब्लड प्रेशर और ग्लूकोमा जैसी गंभीर समस्या है, तो इसे करने से पहले अपने डॉक्टर या योग एक्सपर्ट से जरूर बात करें. तो, क्या आप आज से अपनी दीवार को अपना नया ‘वर्कआउट पार्टनर’ बनाने के लिए तैयार हैं? (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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Viparita Karani :थायरॉयड और कब्ज से पाना है छुटकारा? बस 10 मिनट करें यह योग

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