धीरेंद्र शास्त्री ने लकड़ी की कुटिया में 9 दिन तक साधना की।
छतरपुर के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वर धाम में वीआईपी और वीवीआईपी मुलाकातें नहीं हो पाएंगी। पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद ये ऐलान किया है। बुधवार रात दिव्य दरबार में उन्होंने कहा- अब धाम आने वाले VIP और VVIP सिफारिशकर्ताओं से मुलाकात न
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धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से कहा, ‘साधना के दौरान हमारे गुरु सन्यासी बाबा ने फटकार लगाते हुए कहा था कि VIP और VVIP मुलाकातों के कारण गरीब, असहाय और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है। गुरु ने आदेश दिया है कि अब से बागेश्वर धाम पर प्रोटोकॉल और सिफारिश वाले VIP और VVIP को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।’
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने नवरात्रि साधना पूरी होने पर केन नदी पहुंचकर व्रत का समापन किया।
गरीब, असहाय और मरीजों को मिलेगी प्राथमिकता शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यदि VIP और VVIP बागेश्वर धाम आते हैं, तो उन्हें अलग से समय दिया जाएगा। लेकिन पहला अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे श्रद्धालुओं को ही मिलेगा। शास्त्री ने कहा- हमने कुटिया में साधना के दौरान प्रण लिया है कि गुरु जी की आज्ञा का अब कभी उल्लंघन नहीं किया जाएगा।
इससे पहले नवरात्रि की नौ दिवसीय साधना पूरी होने पर शास्त्री ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी किनारे पहुंचकर व्रत का समापन किया। बनारस से आए आचार्यों ने वेद मंत्रों के साथ व्रत पूरा कराया।
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि साधना के दौरान उन्होंने 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान नाम का जप और माता रानी की आराधना कर बागेश्वर बालाजी के चरणों में समर्पित किया।

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बागेश्वर धाम में दिव्य दरबार लगाकर अपना फैसला सुनाया।
हर गुरुवार भक्तों से मुलाकात और भभूति वितरण बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अब पहले की तरह दिव्य दरबार में बागेश्वर बालाजी की आज्ञा से भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगे। शाम को मरीजों के दर्शन के समय श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक गुरुवार को नई नियमावली के तहत भक्तों से मुलाकात कर मंदिर प्रांगण से ही सिद्ध भभूति का वितरण होगा।
कहा था- गुरु को उसके चेले ही बिगाड़ते हैं इससे पहले शनिवार को प्रवचन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “परमात्मा सिर्फ प्रेम से मिलता है, पैसों से नहीं। अगर भगवान पैसे से मिलते तो सिर्फ अमीरों के पास होते, गरीबों के पास नहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर गुरु को उनके चेले ही बिगाड़ते हैं। कई चेलों ने उन्हें बहकाने की कोशिश की लेकिन वे किसी प्रलोभन में नहीं आए। शास्त्री ने बताया कि कई लोग सिफारिश लेकर आते हैं, फोटो खिंचवाने और अकेले समय की मांग करते हैं, लेकिन अब ऐसे आग्रह स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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