स्कूली छात्रों के अपहरण की अफवाह से हड़कंप: ग्रामीणों ने कार सवारों को लेकर झुंडपुरा चौकी घेरी; जांच में निकली शराबी युवकों की गलतफहमी – Morena News

अपहरण की अफवाह के बाद चौकी पर पहुंचे ग्रामीण

मुरैना जिले के झुंडपुरा इलाके में स्कूल जाते बच्चों के अपहरण की अफवाह से गुरुवार को अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक संदिग्ध कार को देखकर पुलिस को सूचना दी और झुंडपुरा चौकी का घेराव कर दिया।

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हालांकि, पुलिस जांच में मामला सिर्फ एक गलतफहमी निकला। कार में सवार युवक अपहरणकर्ता नहीं बल्कि नशे की हालत में सोए हुए युवक थे, जो रात में अपने दोस्तों से मिलने आए थे।

बच्चों के पीछे चलने लगी कार, ग्रामीणों ने समझा अपहरण की कोशिश

गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे झुंडपुरा नहर के पास से 5 स्कूली छात्र-छात्राएं पैदल स्कूल जा रहे थे। इस दौरान वहां एक किया कार (RJ18CD3346) खड़ी थी। जैसे ही बच्चे कार के पास से निकले, वह धीरे-धीरे उनके पीछे चलने लगी। यह देखकर बच्चे घबरा गए और पास में मौजूद एक बुजुर्ग महिला और ग्रामीण संजय शर्मा से मदद मांगी।

बच्चों की बात सुनकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में बच्चों के अपहरण की कोशिश की खबर फैल गई। ग्रामीणों की भीड़ झुंडपुरा चौकी पर जमा हो गई और संदिग्ध कार को भी थाने ले आए।

पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई

मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों ने कार में सवार युवकों से पूछताछ की। पता चला कि दोनों युवक विनोद जाटव और विकास जाटव सबलगढ़ के रहने वाले हैं, जो एक दिन पहले झुंडपुरा में अपने दोस्तों रवि जाटव और रवि खटीक से मिलने आए थे।

दोनों ने एक होटल में खाना खाया और शराब पी, लेकिन ज्यादा नशा होने के कारण नहर किनारे कार में ही सो गए। अगले दिन सुबह 10 बजे जब उनकी नींद खुली, तो वे अपने दोस्तों का इंतजार कर रहे थे। उसी दौरान स्कूल जा रहे बच्चे उनके पास से गुजरे और कार के पीछे धीरे-धीरे चलने लगी, जिससे बच्चों को संदेह हुआ।

गाड़ी का राजस्थान नंबर भी बना शक का कारण

चूंकि कार पर राजस्थान का नंबर था, इस कारण ग्रामीणों को शक और गहरा लगा। उन्होंने कार सवारों को अपहरणकर्ता समझकर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने दी चेतावनी, अफवाह फैलाने से बचें

झुंडपुरा चौकी प्रभारी ऋषिकेश शर्मा ने बताया कि मामले की पूरी जांच की गई है। कार सवार युवकों की बात और गांव के अन्य लोगों की पुष्टि से यह साफ हुआ कि यह सिर्फ एक गलतफहमी थी। बुजुर्ग महिला और ग्रामीणों ने भी बताया कि बच्चों को कार में जबरन बैठाने या पकड़ने जैसी कोई हरकत नहीं हुई थी। सभी के नाम-पते नोट कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। इस तरह की अफवाहें बिना कारण तनाव और डर का माहौल बनाती हैं। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो सबसे पहले पुलिस को सूचना दें, लेकिन किसी को दोषी ठहराने से पहले जांच का इंतजार करें।

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